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*केंदा एजेंट कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया।*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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जामुड़िया:केंदा ओसिपी में चल रहे स्थानीय विरोध प्रदर्शन और धंसान प्रभावित लोगों की पुनर्वास की मांग को लेकर 48 घंटे के बाद गुरुवार शाम 5:00 बजे केंदा एजेंट कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में केंदा एरिया महाप्रबंधक आनंद कुमार मिश्रा, एरिया पर्सनल मैनेजर ए. दास गुप्ता, विधायक हरेराम सिंह, थाना प्रभारी राज शेखर मुखोपाध्याय, आउटसोर्सिंग पेंच के मालिक बापी दे और केंद्रग्राम बचाव कमेटी के 10 सदस्य शामिल हुए।

पिछले शुक्रवार से केंदा ग्राम के धंसान प्रभावित लोग आंदोलन कर रहे हैं, जिसमें वे अपने पुनर्वास की मांग उठा रहे हैं। इससे पहले, एजेंट कार्यालय और महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन भी हो चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया और तनाव बढ़ता गया। एक अक्टूबर को धंसान प्रभावित लोगों को केंदा महाप्रबंधक कार्यालय पर बुलाया गया था, लेकिन कथित रूप से बाहरी तत्वों ने वहां पहुंचकर प्रभावित लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया और उन्हें भगा दिया।

इस घटना के बाद धंसान प्रभावित लोगों ने मंगलवार शाम से केंदा ओसिपी में संपूर्ण ट्रांसपोर्टिंग को ठप कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जिससे ईसीएल को भारी नुकसान हो रहा था। अंततः गुरुवार शाम को एजेंट कार्यालय में सभी पक्षों को लेकर बैठक की गई, जिसमें समस्या के समाधान के लिए बातचीत की गई।

करीब 2:15 घंटे बैठक के बाद पर केंदा ओसिपि चालू करने की सहमति बनी।

इस संबंध में विधायक हरेराम सिंह ने कहा कि भुईयां पाड़ा एवं बाउरी पाड़ा सहित तीन स्थान के लोगों को अस्थाई तौर पर क्वार्टरों में स्थानांतरित किया जाएगा। वही सभी के घरों का सर्वेक्षण कर 90 दिन के भीतर मुआवजा दिया जाएगा। अभी से ओसिपि को चालू किया जाएगा।वही केंदा गांव 37 नंबर के बारे में बताया कि वह एक अलग पुनर्वास का विषय है उसे पर आगामी दिनों में ईसीएल सिएमडी लेवल बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा।

वही इस संबंध ग्वाला समाज के प्रदेश अध्यक्ष नयन गोप ने कहा बैठक में पुनर्वास के लिए समिति बनी की कई चरणों में पुनर्वास की प्रक्रिया की जाएगी। पुनर्वास के लिए जो कमेटी बनाई गई है उसमें चार सदस्यों को रखा गया। पुनर्वास प्रक्रिया में अगर देरी होती है तो लोग इससे बड़े आंदोलन के लिए तैयार है।

वही सिल्टु भुंईया ने कहा कि ईसीएल 2 महीने सर्वे करेंगें। और 6 महीने में सभी लोगों को घरों के बदले मुआवजा देगी। कुल 8 महीने का समय लिया गया।