सांकतोड़िया : नितुरिया के दुबेश्वरी कोलियरी में जमीहारा संग्राम कमेटी के बैनर तले बरुई पाड़ा, नितुरिया और भामुरिया गांव के जमीन दिए लोग सोमवार को दुबेश्वरी कोलियरी में सुबह से ही कोलियरी गेट को जाम कर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कोलियरी का उत्पादन ठप्प कर दिया।
इस मामले में बारुई पाड़ा निवासी झूलन दास,
रामजीवन दास, गोपू लाहा, श्रीकांत दास, प्रदीप तंतुबाई, बिमल कलाई ने कहा कि कोलियरी अधिकारी बिना जमीन की कीमत चुकाए या जमीन अधिग्रहण किए जमीन से कोयला निकाल रहे हैं। तीन साल से वे सिर्फ जमीन लेने का वादा कर रहे हैं। कोलियरी अधिकारियों ने जमीन की कीमत 14,000 रुपये प्रति डेसीमल पानी के भाव लगाकर भी, प्रबंधन जमीन की कीमत नहीं दे रहा है।
कहा कि करीब तीन वर्ष पहले कोलियरी की ओर से गावँ की जमीन लेने के लिए हमें नोटिस दिया गया था। हमें एक मीटिंग के बुलाया गया। हमलोग मीटिंग में आये। हमसे कहा गया कि सरकारी दर से जमीन की कीमत दी जाएगी और गावँ में पानी, जल, रास्ता आदि की व्यवस्था की जाएगी। हमलोगों से एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी करवाये गए। इसके कुछ दिनों के बाद हमें सुनने को मिला कि इसीलिए कोयला निकलना शुरू भी कर दिया है। इसके बाद हम लोग ईसीएल के विभिन्न दफ्तरों में गए, लेकिन कोई रास्ता नहीं निकला। हम लोगों ने अभी तक बार-बार इसी प्रबंधन के साथ बैठक की है। लेकिन आश्वासन के सिवा हमें कुछ नहीं मिला। सिर्फ तारीख पर तारीख मिले हैं। लेकिन अभी तक हमारी एक भी जमीन रजिस्ट्री नहीं की है। लेकिन हमें कोई सुविधा नहीं मिली है। हमें खबर मिली है कि जमीन के अंदर का कोयला लगभग समाप्ति के कगार पर है।
रुपाली दास सहित गांव की महिलाओं ने कहा कि ईसीएल प्रबंधन जब तक हमारी मांगे नहीं मानता है तब तक आंदोलन चलता रहेगा। समाचार लिखे जाने तक ईसीएल प्रबंधन का कोई भी अधिकारी वहां नहीं पहुंचा था। ग्रामीणों ने ईसीएल कर्मचारियों को सिर्फ अपनी हाजिरी बनाने देने के अलावे सारे कार्य बंद कर रखे थे। इस मुद्दे पर ईसीएल की दुबेश्वरी कोलियरी अधिकारियों के मुहं पर अब ताला लटक गया है।















