जाँच रिपोर्ट से लेकर दवाओं मे मोटा कमीशन पाने के लिये डॉक्टरों और कम्पाउंडरों मे मची होड़म रीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले चिकित्सकों के रहमों करम पर जमकर चाँदी काट रहे हैं गिने चुने मेडिकल स्टोर .

बराकर, पश्चिम बंगाल आसनसोल का बराकर इलाका इन दिनों इलाके के कुछ गिने चुने चिकित्सकों व उनके कम्पाउंडरों की चंद पैसों की लालच की वजह से काफी बदनाम हो चूका है, आलम यह है की अब इलाके के लोगों की बिश्वास इलाके के चिकित्सकों व उनके कम्पाउंडरों के ऊपर से उठने लगे हैं, स्थानीय लोगों का आरोप है की इलाके मे कई ऐसे क्लिनिक हैं जहाँ नामी ग्रामी चिकित्सक बैठते हैं, उनके पास काफ़ी अनुभवी कम्पाउंडर भी रहते हैं, जिनको देखकर आसपास इलाके के मरीज इलाज करवाने पहुँचते हैं, और इन नामी ग्रामी चिकित्सकों व अनुभवी कम्पाउंडरों की देख रेख मे इनका इलाज भी होता है, पर इनके देख रेख मे होने वाले मरीजों के इलाज के दौरान इलाज करवाने आए मरीजों का हौंसला तब टूट कर जवाब दे देता है, जब वही डॉक्टर और
कम्पाउंडर इलाज के नाम पर उनके विश्वास और भरोसे को ठगने का काम करते हैं, उससे खिलवाड़ करने का काम करते हैं, वो भी मरीजों के शरीर की विभिन्न तरह की जाँच व दवा के नाम पर ऐसा ही एक ह्रदय विदारक मामला सोमवार को सामने आया जब कुलटी के रहने वाले शिवम् गुप्ता नाम का एक व्यक्ति अपनी दो माह की एक बच्ची को इलाज करवाने के लिये बराकर बेगुनिया मोड़ स्थित डॉक्टर पी के पति के पास पहुँचा बच्ची को तेज बुखार था, और बुखार थमने का नाम नही ले रहा था, जिससे परेशान शिवम् अपनी बच्ची को लेकर डॉक्टर पी के पति के पास पहुँच गए, जहाँ काफी लम्बी लाईन लगी हुई थी, शिवम् का आरोप है की उनकी बच्ची की हालत काफ़ी गंभीर थी, उन्होने क्लिनिक मे उपस्थित कम्पाउंडर से अपील की के वह उनकी बच्ची को जल्दी चेकअप करवा दे, पर कम्पाउंडर ने शिवम् की एक नही मानी और जो लोग कम्पाउंडर को कुछ पैसे दे रहे थे उनको कम्पाउंडर पहले डॉक्टर से दिखवा दे रहा था, जब उन्होंने उसका विरोध किया तो कम्पाउंडर उन्हे कहा की इलाज करवाना है तो लाईन मे रहो वरना चले जाओ, मजबूरन शिवम् को वहाँ घंटों खड़ा रहना पड़ा, जब शिवम् का नंबर आया तो शिवम् ने अपनी मासूम बच्ची को चिकित्सक पी के पति को दिखाया, चिकित्सक ने अपने पैड पर कई तरह के जाँच लिख दिए, साथ मे दवाओं की एक लम्बी लिस्ट भी दे डाली, जिसके बाद शिवम् बाहर निकला और कम्पाउंडर को फीस देकर जाने ही वाला था, की कम्पाउंडर ने उसे रोककर कहा की उसको जाँच इलाके के एस एम मेडिकल के द्वारा ही करवानी होगी साथ मे उनको वहीं से सभी दवा भी उपलब्ध हो जाएगी, जब शिवम् ने कहा की उनके जान पहचान का एक मेडिकल स्टोर है, जहाँ पर उनको कम पैसों मे ही दवा उपलब्ध हो जाएगी और उनके द्वारा कम बजट मे शरीर के अन्य जाँच भी हो जाएंगे, शिवम् की इन बातों को लेकर कम्पाउंडर गुस्से के मारे आग बबूला हो गया, और शिवम् को यहाँ तक कह डाला अगर वह किसी और मेडिकल स्टोर मे जाता है, तो वहाँ का रेपोर्ट डॉक्टर नही मानेंगे और ना ही वहाँ की दवाओं का वो कोई रिक्स लेंगे, उनको उसी मेडिकल स्टोर से दवा लेनी है और वहीं से शरीर का जाँच करवाना है, जहाँ पर उनको बताया जा रहा है, बराकर मे चिकित्सकों व कम्पाउंडरों के द्वारा इलाज के नाम पर मरीजों के साथ की जा रही मनमानी व ठगबाजी को लेकर अब इलाके के लोगों मे नाराजगी देखि जा रही है, उनका कहना है की अगर इलाके की स्थिति कुछ इस कदर रही तो स्थानीय लोग इन चिकित्सकों व कम्पाउंडरों से लेकर इन मेडिकल स्टोरों के खिलाफ उग्र आंदोलन करने पर बाध्य हो जाएगी .













