बराकर 21 जून ।पश्चिम बंगाल और झारखंड राज्य को जोड़ने वाला चिरकुंडा पूल लगभग 100 वर्ष पुराना है ।जिससे होकर दोनों राज्यों के लोग आवागमन करते है ।पुल काफी पुराना होने के कारण लोगो की सुरक्षा दृष्टि कोण क्षतिग्रस्त भी है ।लेकिन दूसरा विकल्प ना होने के कारण लोगो की आवाजाही इसी पुल के माध्यम से होती है ।लेकिन जल्द ही नवनिर्मित पुल की सौगात यहां के लोगो को मिलने वाली है ।झारखंड एवं पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली बराकर नदी पर निर्माणाधीन टू लेन पुल के निर्माण कार्य मे तेजी लाने का निर्देश पथ प्रमंडल सचिव ने दे दिया है ।यह योजना वैसे भी एक वर्ष पीछे चल रही है ।पुल निर्माण की प्रगति को लेकर विभाग लगातार समीक्षा कर रहा है साथ ही पुल निर्माण की गुणवत्ता पर भी नजर बनाये हुए रखने की हिदायत दी गई है ।बराकर चिरकुंडा के बीच बनने वाले इस पुल के लिए झारखंड सरकार ने तीन वर्ष पहले ही पहल की थी ।लेकिन कोरोना महामारी के कारण कार्य दो वर्ष बाधित हो गया ।पुनः निर्माण कार्य चल रहा है फिलहाल पिलर ( खंभों )का कार्य चल रहा है ।पुल निर्माण होने से दोनों राज्यों के लोगो को कई तरह से लाभ प्राप्त होंगे ।नवनिर्मित पुल की लंबाई 650 मी और चौड़ाई 14.8 मीटर होगी ।इसकी कुल लागत लगभग 55 करोड़ रुपये है ।लोगो को पैदल चलने के लिए फुटपाथ भी बनाया जायेगा ।सनद रहे कि पुराने पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण भारी एवं बड़े वाहनों के आवाजाही पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था साथ ही इसकी आयु सीमा भी समाप्त हो गई है ।पुराने पुल के कमजोर होने के कारण लोगो को डीबुडीह चेक पोस्ट होकर 10 किलोमीटर घूम कर आना जाना पड़ता था ।इस दौरान टोल टैक्स भी चुकाना पड़ता था ।वही पुराने पुल से हटकर लगभग 15 मीटर की दूरी पर नए पूल का निर्माण किया जा रहा है ।यह बराकर की ओर से बांये तरफ बनाया बनाया जा रहा है ।पुल निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए दो वर्ष समय का निर्देश दिया गया है ।














