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शिवस्थान मंदिर परिसर में चल रहे श्री रामकथा के दौरान यजमान द्वारा हवन करने के साथ ही श्री रामचरित मानस की आरती की गई।*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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बर्नपुर: बर्नपुर शिवस्थान मंदिर परिसर में चल रहे श्री रामकथा के दौरान यजमान द्वारा हवन करने के साथ ही श्री रामचरित मानस की आरती की गई। इसके उपरांत ही रामकथा का आरंभ हुआ।
इस दौरान कथा वाचक दिलीप दास त्यागी ने कहा कि जो भी हमारे भगवान जिन्हें अच्छे फूल कमल, गुलाब, गेंदा सहित आदि फूलों को चढ़ाया जाता है, उसमें हमारे भगवान शिव सिर्फ धतूरा से ही खुश हो जाते है। उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहले नारद मुनि पहले पत्रकार और हनुमान जी दूसरे पत्रकार हुए। हमारे देश मे पत्रकार की भूमिका काफी प्रसंशनीय रही है। उन्होंने कहा कि श्री राम के ऊपर कहा कि धन्य है वह माता, धन्य है वह पत्नी, धन्य है वह भाई जिन्हें भगवान राम को पाया। उन्होनें अपने आदर्श जीवन की परिभाषा इस तरह हमारे बीच रखी, जिसकी कल्पना मात्र से और उनके चरित्र का अनुसरण करने से ही जीवन धन्य और सफल हो जाता हैं। श्री रामकथा के अंत में आरती करने के बाद प्रसाद का भी वितरण किया गया। वही इस कथा में पहले से ही पधारें श्री रामजन्म भूमि के पक्षधर रहे पूज्य धर्मदास जी महाराज ने आज प्रस्थान कर गए। जबकि कथा के दौरान ओकारेश्वर नाथ जी, महंत श्री राम प्रकाश दास जी महाराज के अलावा अयोध्या, मध्य प्रदेश, वृंदावन, वाराणसी से महात्मा,
बर्नपुर बालाजी धाम के आयोजक संतोष भाई जी मौजूद थे।