*कुलटी* , आसनसोल सीतारामपुर इलाके की रहने वाली 75 वर्षीय अनीता देवी की जिंदगी मे एक बड़ा चमत्कार हुआ है, एक ऐसा चमत्कार जिस चमत्कार की उन्होंने कभी कल्पना तक नही की थी, पर उनको यह आशा जरूर थी की आज नही तो कल उनके जीवन मे जरूर कुछ अच्छा होगा, इसी आस मे सीतारामपुर की रहने वाली 75 वर्षीय अनीता देवी हर वर्ष छठ पूजा करती थी और अपनी कैंसर पीड़ित बेटी रेखा देवी की को पूरी तरह स्वस्थ हो जाने की कामना भी करती थी, रेखा देवी की अगर माने तो उनका शरीर पहले से ही अस्वस्थ रहता था, पर उनको दो वर्ष पहले पता चला की उन्हे कैंसर है, जिसके बाद उनकी इलाज मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पताल मे चल रहा था, अकसर यह देखा जाता है की कैंसर पीड़ित मरीज जीने की आस खो देता है, साथ मे उसके परिवार का भी मनोबल पूरी तरह टूट जाता है, पर सीतारामपुर मे रह रहे इस परिवार ने हार नही मानी एक तरफ जहाँ अनीता देवी ने अपनी अराध्य छठी मईया से यह मन्नत मांग ली की मईया उनकी बेटी को पूरी तरह स्वस्थ कर दें, वह और भी धूमधाम से उनकी पूजा करेंगी और पुरे घाट को दुल्हन के तरह सजायेंगी, तो वहीं दूसरी ओर जीवन ओर मौत की लड़ाई लड़ रही रेखा देवी भी छठी मईया के भरोसे रह गई और अपनी माँ अनीता देवी के साथ छठ मईया की भक्ति मे लीन हो गई, ऐसे मे छठ के ठीक 6 महीने पहले जब चिकित्सकों ने उनकी जाँच की तो वह हैरान रह गए और वह भी सोंच मे पड़ गए की आखिरकार ऐसा हुआ तो कैसे हुआ, कैंसर पीड़ित रेखा देवी पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी थी, चिकित्सकों ने उनको अस्पताल से छुट्टी तो दे दी, रेखा देवी अब सीतारामपुर मे अपने परिवार के साथ रहती हैं, अपनी माँ अनीता देवी के साथ लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा मे शामिक हुई हैं और काफी धूमधाम से छठ पूजा कर रही हैं, इसके अलावा उन्होंने छठ ब्रतियों को छठ घाट आने -जाने मे कोई असुविधा ना हो उसके लिये उन्होने पुरे रास्ते की साफ -सफाई से लेकर साज -सजावट सहित तरह -तरह की लाईट और झूमर लगवाकर दुल्हन की तरह सजवाया है, जिसकी खूब चर्चा भी हो रही है, साथ मे उनके साथ छठी मईया की कृपा से हुई चमत्कार की डंका भी खूब बज रही है, जो डंका छठी मईया के भक्तों की आस्था को और भी मजबूत करने का काम कर रही है










