*बंटी खान बराकर :* श्री श्री सीतारामबाबा द्वारा प्रतिष्ठित बेगुनिया बराकर गौरांग मंदिर प्रांगण में इस वर्ष भी परंपरा की धूम मचेगी। 1924 में स्थापित इस पावन मंदिर में हर वर्ष आयोजित होने वाला 14 दिवसीय हरिनाम महायज्ञ वसंत उत्सव इस बार अपनी शताब्दी पार कर 102 वर्ष पूर्ण करने जा रहा है। मंदिर के सेवायिक हरे कृष्ण बाबा ने बताया कि यह भव्य आयोजन 3 मार्च से प्रारंभ होकर 16 मार्च को समापन होगा, जिसमें भक्तों का लाखों की संख्या में सैलाब उमड़ेगा। हरे कृष्ण बाबा ने बताया कि जब 2024 में इस उत्सव ने 100 वर्ष पूर्ण किए थे, तब जगतगुरु शंकराचार्य महाराज स्वयं यहां पधारें थे। उस समय का भव्य कार्यक्रम आज भी भक्तों की स्मृति में जीवंत है। इस वर्ष भी उसी जोशो-खरोश के साथ वसंत उत्सव आयोजित किया जा रहा है। कोलकाता, उत्तर प्रदेश, ओडिशा समेत देश के विभिन्न प्रांतों से प्रसिद्ध कथावाचक, भजन सम्राट और कलाकार पधारेंगे। हरिनाम संकीर्तन की गूंज से प्रांगण गुंजायमान रहेगा, जबकि चैतन्य महाप्रभु लीला और राधा-कृष्ण लीला के माध्यम से भक्ति का अलौकिक रंग चढ़ेगा। बाबा ने कहा मोबाइल युग में धार्मिक जागरण आधुनिक दौर में बच्चों का मोबाइल की चकाचौंध में खो जाना और पारंपरिक खेलकूद से दूरी बनना एक बड़ी चुनौती है। इसे ध्यान में रखते हुए इस बार बच्चों के लिए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सनातन धर्म से जुड़े चित्रकला प्रतियोगिता, नृत्य, गीत-संगीत और अन्य रचनात्मक विधाओं के माध्यम से युवा पीढ़ी को धार्मिक मूल्यों से जोड़ा जाएगा। विजेता प्रतिभाओं को भव्य पुरस्कार प्रदान कर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा, ताकि वे भक्ति मार्ग पर अग्रसर हों। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक उल्लास का प्रतीक बनेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपरा को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। भक्तों से अपील है कि वे इस पावन अवसर पर सादर उपस्थित हों।










