कल माँ सरस्वती के पावन पूजन अवसर पर विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ। इस दौरान सामाजिक समरसता मंच टोली को विभिन्न स्थानों पर आमंत्रित किया गया था, जहाँ जनसंपर्क, संवाद और आपसी समन्वय के माध्यम से समाज को जोड़ने का सार्थक प्रयास हुआ।
माँ सरस्वती की आराधना के साथ यह अनुभूति और गहरी हुई कि विद्या और विवेक के मार्ग से ही सामाजिक समरसता सुदृढ़ होती है। अलग-अलग आयोजनों में समाज के विविध वर्गों से संवाद कर सौहार्द, सहयोग और समर्पण का भाव देखने को मिला।
साझा की जा रही ये कुछ छवियाँ—
विभिन्न स्थानों पर हुए संपर्क, समन्वय और सामाजिक जुड़ाव के उन्हीं भावपूर्ण क्षणों की झलक हैं।
Post Views: 67









