सिख धर्म के आठवें गुरु श्री गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व को समर्पित गुरु गोविंद
सिंघ स्टडी सर्किल की समूह टीम द्वारा सेवा दिवस का पालन किया गया । इस अवसर पर ढिसरगङ स्थित सांकतोङया आध्या वृद्ध आश्रम में रहने वाले 50 वृद्ध स्त्री पुरुष एवं वहां के कर्मचारियों में वस्त्र एवं खाने-पीने की सामग्री वितरित की गई। । सामग्री वितरण से पहले गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्किल के कीर्तन इकाई के सचिव सरदार गुरदीप सिंघ की सुपुत्री बीबा हरलीन कौर एवं गुरु गोबिंद सिंघ स्टडी सर्किल के प्रचारक सरदार गुरदीप सिंघ नेगुरबाणी शब्द का गायन किया। गुरु गोविंद सिंह स्टडी सर्किल पूर्वी भारत के सचिव सरदार गुरविंदर सिंघ एवं राज्य सचिव सरदार जसपाल सिंघ विचार व्यक्त किया। तत्पश्चात समूह सदस्यों द्वारा अकाल पुरख के समक्ष अरदास की गई।
वृद्ध आश्रम के संस्थापक श्री समीर आचार्जी जी को गुरु गोविंद सिंघ स्टडी सर्किल पश्चिम बंगाल के द्वारा स्मृति भेंट करके सम्मानित किया गया। तत्पश्चात वृद्ध आश्रम में रहने वाले सदस्यों वहां के कर्मचारी तथा गुरु गोबिंद सिंघ स्टडी सर्किल के समस्त सदस्यों ने एक साथ गुरु का लंगर ग्रहण किया।


गुरु गोविंद सिंघ स्टडी सर्किल पूर्वी भारत के सचिव सरदार गुरविंदर सिंघ ने बताया कि सिख धर्म में श्री गुरु हरकिशन साहिब जी के प्रकाश पर्व
को सेवा दिवस के रूप में इसलिए पालन किया जाता है क्योंकि जब श्री गुरु हरकिशन साहिब जी 7 वर्ष की आयु में दिल्ली पहुंचे उसे समय वहां हैजा एवं चेचक रोग फैला हुआ था गुरु साहिब जी ने अपने हाथों से मरीजों की सेवा की एवं सेवा करते-करते वह खुद रोगग्रस्त हो गए एवं 8 वर्ष की आयु में वह परम ज्योति में विलीन हो गए। इस अवसर पर गुरु गोविंद सिंघ स्टडी सर्किल पश्चिम बंगाल के
उपाध्यक्ष सरदार रमेश सिंघ गंभीर, राज्य सचिव सरदार जसपाल सिंघ, कोषाध्यक्ष सरदार हरदीप सिंघ, आसनसोल इकाई के अध्यक्ष सरदार गुरमीत सिंघ, वरिष्ठ सदस्य सरदार दलजीत सिंघ, महिला इकाई की उपाध्यक्ष बीबी रविंदर कौर, सचिव बीबी जसबीर कौर, सरदार परविंदर सिंघ, सरदार हरजीत सिंघ, सरदार अरविंदर सिंघ, सरदार सतबीर सिंघ, बीबी तेजिंदर कौर,बीबी अनुजीत, बीबीसीमरजीत कौर कौर सरदार गुरप्रीत सिंघ, बीबी जसपाल कौर, एवं संस्था के अन्य सदस्य मौजूद थे।




















