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*”हर हर महादेव! 🔱”*

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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*“हर हर महादेव! 🔱”*

🌺 आप सभी को महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।🌺
*शिव की कृपा आप पर सदैव बनी रहे,*
आपका जीवन शांति, शक्ति और सफलता से भर जाए।

*“महाशिवरात्रि: आत्मा से शिव तक की यात्रा 🌙 !..”*

“आज फिर आई है वह पावन रात्रि,
जब समय स्वयं रुककर करता है आरती,
जब आकाश झुककर धरती को चूमता है,
और हर श्वास में “ॐ नमः शिवाय” गूँजता है।
यह महाशिवरात्रि है—
वैराग्य की ज्वाला,
भक्ति की धारा,
और आत्मा की अंतिम मंज़िल का उजाला।
इस रात्रि में जागते हैं शिव,
और जागती है हमारी चेतना,
मिट जाता है हर अंधकार,
और जन्म लेती है एक नई साधना।

🌙 *“सोमनाथ : अनंत का पहला प्रकाश”*

सागर की लहरों पर खड़ा, अडिग और महान,
सोमनाथ कहता है—
“नाश से ही जन्म लेता है नया निर्माण।”
हर टूटन में छुपा है पुनर्जन्म का बीज,
शिव सिखाते हैं—
हार में भी छुपी होती है जीत की नींव।

🔱 *“मल्लिकार्जुन : प्रेम और तप का संगम”*

पर्वतों की गोद में, जहां मौन भी बोलता है,
मल्लिकार्जुन शिव प्रेम का अर्थ खोलता है।
जहाँ पार्वती का समर्पण,
और शिव का तप मिलते हैं,
वहीं आत्मा और परमात्मा एक हो जाते हैं।

🔥 *“महाकालेश्वर : समय का स्वामी”*

उज्जैन की धूल में, जहाँ समय भी झुकता है,
महाकालेश्वर हर भय को भस्म करता है।
मृत्यु यहाँ अंत नहीं,
बल्कि मुक्ति का द्वार है,
शिव कहते हैं—
जो निर्भय है, वही सच्चा जीवित है।

🌊 *“ओंकारेश्वर : ॐ का जीवंत स्वर”*

नर्मदा की लहरों में,
जहाँ “ॐ” स्वयं बहता है,
ओंकारेश्वर वहाँ हर हृदय में रहता है।
यह वही स्वर है,
जिससे सृष्टि बनी,
और जिसमें सृष्टि विलीन होगी।

🕉️ *“केदारनाथ : तप और त्याग का प्रतीक”*

हिमालय की ऊँचाइयों में,
जहाँ सांस लेना भी तपस्या है,
केदारनाथ शिव की मौन साधना है।
यहाँ अहंकार जम जाता है बर्फ बनकर,
और केवल आत्मा ही आगे बढ़ती है।

🌅 *“भीमाशंकर : शक्ति का जागरण”*

जंगलों की गहराई में,
जहाँ अंधकार भी काँपता है,
भीमाशंकर शिव का तेज चमकता है।
यह वह अग्नि है,
जो भीतर के दानव को जलाती है,
और आत्मा को देवत्व तक पहुँचाती है।

🌺 *“काशी विश्वनाथ : मोक्ष का द्वार”*

वाराणसी की गलियों में,
जहाँ मृत्यु भी उत्सव है,
विश्वनाथ शिव का अंतिम स्पर्श है।
यहाँ अंत नहीं,
केवल अनंत की शुरुआत है।

🌄 *“त्र्यंबकेश्वर : जीवन की त्रिवेणी”*

जहाँ दक्षिण गंगा जन्म लेती है,
वहाँ त्र्यंबकेश्वर शिव मुस्कुराते हैं।
यह जीवन, मृत्यु और पुनर्जन्म का चक्र है,
जो शिव के चरणों में पूर्ण होता है।

🌊 *“वैद्यनाथ : उपचार का देव”*

हर पीड़ा, हर घाव, हर आँसू,
वैद्यनाथ शिव सबका उपचार हैं।
उनका स्पर्श ही औषधि है,
उनका नाम ही जीवन है।

🔥 *“नागेश्वर : भय का अंत”*

जहाँ विष भी अमृत बन जाता है,
नागेश्वर शिव वहाँ बसते हैं।
वे सिखाते हैं—
जो भय को स्वीकार करता है,
वही भय से मुक्त होता है।

🌞 *“रामेश्वरम : भक्ति का समर्पण”*

जहाँ राम ने भी शिव को नमन किया,
रामेश्वरम भक्ति का सर्वोच्च प्रमाण है।
यहाँ देव भी भक्त बन जाते हैं,
और भक्त देवत्व पा जाता है।

🌺 *“घृष्णेश्वर : अंतिम प्रकाश”*

यह अंतिम ज्योतिर्लिंग,
परंतु अंत नहीं—
यह शुरुआत है उस यात्रा की,
जहाँ आत्मा शिव बन जाती है।

🌙 *“महाशिवरात्रि का अंतिम संदेश”*

आज की इस पावन रात्रि में,
जब चंद्रमा भी शिव का आभूषण बनता है,
जब हर तारा उनका दीपक बनता है,
तब शिव फुसफुसाकर कहते हैं—
“मैं बाहर नहीं, तुम्हारे भीतर हूँ,
मैं मंदिर में नहीं, तुम्हारी आत्मा में हूँ।
*“तुम ही शिव हो,*
*और शिव ही तुम हो।””*
ॐ नमः शिवाय…
ॐ नमः शिवाय…
ॐ नमः शिवाय…

✍️ “सुशील कुमार सुमन”
अध्यक्ष, आईओ
सेल आईएसपी, बर्नपुर
*#सुशीलकुमारसुमन*
*#युवा*
*#महाशिवरात्रि*