*“आज दौड़ है…”*
आज दौड़ है…
आज दौड़ है *IOA* की!
आज दौड़ है साहस की,
आज दौड़ है संघर्ष की।
आज दौड़ है विश्वास की,
आज दौड़ है प्रेरणा की,
आज दौड़ है उम्मीद की,
आज दौड़ है जज़्बे की।
आज दौड़ है समर्पण की,
आज दौड़ है शक्ति की,
आज दौड़ है दृढ़ता की,
आज दौड़ है आत्मविश्वास की।
आज दौड़ है संकल्प की,
आज दौड़ है उत्साह की,
आज दौड़ है जुनून की।
आज दौड़ है निष्ठा की,
आज दौड़ है विजय की,
आज दौड़ है मेहनत की।
आज दौड़ है लगन की,
आज दौड़ है आस्था की,
आज दौड़ है प्रगति की।
आज दौड़ है कर्मठता की,
आज दौड़ है सकारात्मकता की,
आज दौड़ है हौसले की,
आज दौड़ है एकता की।
आज दौड़ है नेतृत्व की,
आज दौड़ है धैर्य की,
आज दौड़ है प्रतिबद्धता की,
आज दौड़ है गौरव की।
आज दौड़ है आत्मबल की,
आज दौड़ है विजयश्री की,
आज दौड़ है उत्कर्ष की।
आज दौड़ है *सुशील* की,
आज दौड़ है *सुमन* की।
बस आज दौड़ ही दौड़ है,
अपने अरमानों की उड़ान है,
हर कदम में विश्वास है,
हर सांस में पहचान है।
यह केवल पैरों की रफ्तार नहीं,
यह सपनों का विस्तार है,
आज दौड़ है…
और यह दौड़ हमें
शिखर तक ले जाने को तैयार है। “
✍️ सुशील कुमार सुमन
अध्यक्ष, आईओ
सेल आईएसपी, बर्नपुर
*#सुशीलकुमारसुमन*
*#युवा*








