राजधानी एक्सप्रेस पर पथराव मामले का खुलासा: गांजे के नशे में नाबालिग ने फेंका था पत्थर, आरपीएफ ने दबोचा
बराकर:ऑपरेशन संरक्षा के तहत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बराकर ने तत्परता दिखाते हुए राजधानी एक्सप्रेस पर हुए पथराव मामले की गुत्थी को सुलझा लिया है। इस मामले में संलिप्त एक 15 वर्षीय नाबालिग आरोपी पीयूष कुमार राम को हिरासत में लेकर माननीय जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB)/कोर्ट में पेश कर दिया गया है।नशे की हालत में की थी वारदात घटना बीते 30 मई 2026 की शाम करीब 7:30 बजे की है, जब कुल्टी और बराकर स्टेशन के बीच से गुजर रही 12313 अप राजधानी एक्सप्रेस पर अचानक पथराव हुआ। इस पथराव के कारण ट्रेन की एक बोगी की खिड़की का शीशा चकनाचूर हो गया था। यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाली इस घटना के बाद आरपीएफ पोस्ट बराकर में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की गई थी।ट्रैक पर गांजा पी रहे थे पांच दोस्त तफ्तीश के दौरान आरपीएफ को पता चला कि घटना वाले दिन बालतोड़िया गांव के पास रेलवे ट्रैक के किनारे पांच नाबालिग लड़के—पीयूष कुमार राम, सोना राम, अभय पासवान, अमर तांती और विकास रविदास—एक साथ बैठकर गांजा पी रहे थे। अत्यधिक नशा होने के कारण सोना राम और अमर तांती शाम 7:30 बजे से ठीक पहले अपने घर लौट गए, जबकि पीयूष, अभय और विकास वहीं ट्रैक के पास ही रुके रहे। इसी बीच वहां से तेज रफ्तार राजधानी एक्सप्रेस गुजरी, और नशे की धुन में पीयूष कुमार राम ने ट्रेन पर पत्थर चला दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों मौके से फरार हो गए थे।पूछताछ में कबूला जुर्म, कोर्ट में पेश शनिवार (6 जून 2026) को आरपीएफ ने कार्रवाई करते हुए सभी पांचों नाबालिगों को उनके माता-पिता की मौजूदगी में पोस्ट पर बुलाकर कड़ी पूछताछ की। इस दौरान मुख्य आरोपी पीयूष कुमार राम ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। वहीं, उसके बाकी चारों साथियों ने भी घटना के वक्त पीयूष की संलिप्तता की पूरी पुष्टि की।जुर्म कबूलने के बाद आरपीएफ ने पीयूष कुमार राम को हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ रेलवे अधिनियम की धारा 153 (यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालना) के तहत कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजों के साथ उसे माननीय जेजेबी (JJB)/न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया।










