मैथन डैम में देवदूत बना नाविक ताजुद्दीन: जान दांव पर लगा डूबते हुए 12 पर्यटकों को बचाया, नेताओं ने किया सम्मानित
कुल्टी/मैथन। मैथन डैम में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। डैम में पत्थर से टकराकर डूब रही एक नाव से 10-12 पर्यटकों को सुरक्षित बचाकर नाविक मोहम्मद ताजुद्दीन ने इंसानियत और बहादुरी की मिसाल पेश की है। इस साहसिक कार्य के लिए बुधवार को बाबू बोट घाट पर भाजपा और झामुमो नेताओं ने संयुक्त रूप से ताजुद्दीन को सम्मानित किया।चीख-पुकार के बीच देवदूत बना ताजुद्दीनमंगलवार को जब पर्यटकों से भरी नाव अचानक पत्थर से टकराकर डूबने लगी, तो घाट पर चीख-पुकार मच गई। ऐसे नाजुक वक्त में नाविक ताजुद्दीन ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने सूझबूझ और वीरता का परिचय देते हुए एक-एक कर सभी यात्रियों को डूबती नाव से सुरक्षित बाहर निकाला। नेताओं ने सर्वसम्मति से कहा कि ताजुद्दीन की इस तत्परता के कारण ही एक बड़ा हादसा मातम में बदलने से रुक गया।वीरता पुरस्कार की मांगताजुद्दीन की बहादुरी को सलाम करते हुए झामुमो नेता व जिला परिषद सदस्य गुलाम कुरैशी ने उन्हें ‘असली हीरो’ बताया और सरकार से उन्हें राजकीय वीरता पुरस्कार देने की मांग की। वहीं, भाजपा नेता डॉ. सत्यनारायण रॉय ने कहा कि ऐसे जाँबाज़ नागरिक पूरे समाज के लिए गौरव हैं।सुरक्षा कड़े करने और लाइफ जैकेट अनिवार्य करने की अपीलइस हादसे के बाद नाविक ताजुद्दीन और उपस्थित नेताओं ने दोनों राज्यों (झारखंड-पश्चिम बंगाल) की सरकारों तथा दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) प्रशासन से मैथन डैम में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने की मांग की। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नावों में लाइफ जैकेट का इस्तेमाल अनिवार्य करने की पुरज़ोर अपील की है।










