Dastak Jo Pahunchey Har Ghar Tak

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email

बराकर में मुफ्त डेंटल सेवा की मिसाल बने डॉ. आसिफ अशरफ, ‘दाँत बचाना’ है पहली प्राथमिकता

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

बराकर में मुफ्त डेंटल सेवा की मिसाल बने डॉ. आसिफ अशरफ, ‘दाँत बचाना’ है पहली प्राथमिकता

बराकर:महंगाई के इस दौर में जब चिकित्सा खर्च आम लोगों के बजट से बाहर होता जा रहा है, बराकर स्टेशन रोड (सिटी सेल्स के पास) स्थित ‘यू स्माइल क्लिनिक’ के संचालक डॉ. आसिफ अशरफ ने समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों के लिए मुफ्त डेंटल चेकअप और बेहद किफायती इलाज की मुहिम शुरू की है।महीने में दो बार मुफ्त शिविर डॉ. आसिफ के क्लीनिक में हर महीने एक से दो बार विशेष मुफ्त डेंटल हेल्थ चेक अप कैंप का आयोजन किया जाता है। इन शिविरों में बराकर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से औसतन 15 से 20 मरीज आकर अपने दाँतों की जांच कराते हैं। डॉक्टर और उनकी टीम मरीजों को दाँतों की नियमित सफाई, कैविटी और मसूड़ों की गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक भी कर रही है। नए क्लीनिक की स्थापना के बावजूद सामान्य दिनों में भी रोजाना 7 से 8 मरीज इलाज के लिए यहाँ पहुंच रहे हैं।”दाँत निकालना आखिरी विकल्प”इलाके में दाँतों की समस्याओं पर बात करते हुए डॉ. आसिफ ने बताया कि क्षेत्र में सबसे ज्यादा मामले ‘कैविटी’ (दाँत में कीड़ा लगना) के सामने आते हैं। जागरूकता की कमी के कारण कई लोग लंबे समय तक दर्द सहते हैं या मेडिकल स्टोर से दवा लेकर अस्थाई राहत पा लेते हैं, जिससे संक्रमण बढ़ जाता है। उन्होंने कहा, “हमारी पहली कोशिश रूट कनाल या अन्य आधुनिक पद्धतियों से प्राकृतिक दाँत को बचाने की होती है। दाँत को जड़ से निकालना हमारा अंतिम विकल्प होता है।”पिता की सीख से शुरू हुआ सफर अपनी इस सेवा भावना का श्रेय डॉ. आसिफ ने अपने पिता को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा समाज सेवा से जुड़े रहे और घर में अक्सर इस बात पर चर्चा होती थी कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं कैसे पहुंचाई जाएं। इसी प्रेरणा के चलते दिल्ली में सफल प्रैक्टिस करने के बाद उन्होंने अपने गृह क्षेत्र बराकर में क्लीनिक खोलने का फैसला किया।डॉ. आसिफ अशरफ के शब्द:”मैंने शुरुआत में ही यह ठान लिया था कि जब भी क्लीनिक खोलूंगा, मुफ्त और किफायती इलाज को प्राथमिकता दूंगा। अक्सर लोग पैसे की तंगी के कारण दाँतों की बीमारी को टालते रहते हैं, जो बाद में कैंसर या गंभीर संक्रमण का रूप ले लेती है। हमारी कोशिश है कि आर्थिक अभाव किसी के इलाज में बाधा न बने।”चिकित्सा क्षेत्र के बढ़ते व्यवसायीकरण के बीच डॉ. आसिफ की यह मानवीय पहल ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्र के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है।