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बराकर के ऐतिहासिक गोरंगगो मंदिर में संपन्न हुआ उल्टा रथ उत्सव, भगवान जगन्नाथ को लगा 56 भोग

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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बराकर के ऐतिहासिक गोरंगगो मंदिर में संपन्न हुआ उल्टा रथ उत्सव, भगवान जगन्नाथ को लगा 56 भोग

श्रद्धा और उत्साह के माहौल में मौसी बाड़ी से वापस लौटे भगवान,

प्रशासन के सहयोग पर कमेटी ने जताया सरकार का आभार

बराकर।स्थानीय गोरंगगो मंदिर में विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा के समापन के अवसर पर ‘उल्टा रथ’ उत्सव बेहद धूमधाम और धार्मिक हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर (मौसी बाड़ी) में विश्राम करने के बाद भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ वापस अपने मुख्य मंदिर लौट आए हैं। इस पावन अवसर पर पूरा मंदिर परिसर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा।महाप्रभु को अर्पित हुआ 56 भोग, बंटा प्रसादधार्मिक अनुष्ठान के तहत मंदिर के पुजारियों द्वारा भगवान की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। इसके बाद भगवान जगन्नाथ को बेहद श्रद्धापूर्वक 56 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग (56 भोग) लगाया गया। महाआरती के बाद मंदिर परिसर में उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं के बीच उत्साहपूर्वक माहौल में महाप्रसाद का वितरण किया गया। प्रसाद ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं।साधु बाबा ने की प्रशासनिक व्यवस्था की सराहनागोरंगगो मंदिर के मुख्य सेवादार हरे कृष्णा साधु बाबा ने इस सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने उत्सव को शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति आभार जताया। साधु बाबा ने कहा, “पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार के कार्यकाल में हमें प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग मिला है। सुरक्षा से लेकर तमाम नागरिक व्यवस्थाएं दुरुस्त थीं, जिससे सभी भक्त खुलकर और प्रसन्न मन से इस उत्सव में शामिल हो सके। हम इसके लिए सरकार और प्रशासन का धन्यवाद करते हैं।”उल्टा रथ उत्सव के समापन के साथ ही बराकर और आसपास के क्षेत्रों में पिछले नौ दिनों से चल रहा रथ मेला भी संपन्न हो गया। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए।

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