इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की 18वीं वर्षगांठ पर मराठवाड़ा टीम ने काटा पांच किलो का केक।
पत्रकार हित, सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प।
औरंगाबाद (छत्रपति शम्भाजी नगर)महाराष्ट्र।
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की 18वीं वर्षगांठ के अवसर पर मराठवाड़ा, महाराष्ट्र की टीम द्वारा शासकीय विश्रामगृह शुभेदारी में भव्य समारोह का आयोजन कर पांच किलो का केक काटकर संगठन का स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों एवं संगठन के पदाधिकारियों ने उपस्थित होकर एक-दूसरे को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा पत्रकार हितों की रक्षा के लिए संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने केक काटकर संगठन की 18वीं वर्षगांठ पर केक काटा। उन्होंने उपस्थित सभी पत्रकारों एवं पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल किसी संस्था की वर्षगांठ नहीं, बल्कि देशभर के पत्रकारों की एकजुटता, संघर्ष, सम्मान और स्वाभिमान की 18 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा का प्रतीक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन पिछले 18 वर्षों से 22 राज्यों एवं नेपाल में पत्रकार हित, पत्रकार सुरक्षा, सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान के लिए सतत संघर्षशील अग्रणी संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। संगठन ने पत्रकारों की समस्याओं को केवल उठाने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें शासन-प्रशासन और संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाने, पत्रकारों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके साथ मजबूती से खड़े होने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। समाज में होने वाली घटनाओं, भ्रष्टाचार, अन्याय, शोषण और जनसमस्याओं को सामने लाने का जोखिम पत्रकार उठाता है। ऐसे में पत्रकारों को सुरक्षित वातावरण, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां और सामाजिक सुरक्षा मिलना आवश्यक है। संगठन का उद्देश्य पत्रकारों को किसी राजनीतिक विचारधारा से जोड़ना नहीं, बल्कि पत्रकार हितों को सर्वोपरि रखते हुए पत्रकारों की एकता और अधिकारों की आवाज को मजबूत करना है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन लंबे समय से पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानून की मांग को लेकर संघर्ष करता रहा है। पत्रकारों के साथ मारपीट, धमकी, उत्पीड़न, झूठे मुकदमे, दबाव और समाचार संकलन के दौरान होने वाली परेशानियों के मामलों में संगठन ने आवाज उठाई है। महाराष्ट्र में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने के बावजूद उसके प्रावधानों की जानकारी का अभाव और प्रभावी क्रियान्वयन की समस्या सामने आती रही है। संगठन का प्रयास है कि प्रत्येक पत्रकार को कानून की जानकारी हो और आवश्यकता पड़ने पर वह अपने अधिकारों का उपयोग कर सके।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं होगी, बल्कि कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक संवेदनशीलता और पत्रकारों में कानूनी जागरूकता से ही वास्तविक सुरक्षा संभव है।
उन्होंने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन छोटे और मध्यम समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया, न्यूज पोर्टल एवं यूट्यूब चैनलों से जुड़े पत्रकारों की समस्याओं को भी गंभीरता से उठाता रहा है। संगठन का मानना है कि पत्रकारिता का मूल्य केवल बड़े मीडिया संस्थानों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण, कस्बाई और जिला स्तर पर काम करने वाले पत्रकार भी लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संगठन द्वारा RNI नंबर, समाचार पत्रों को विज्ञापन, न्यूजप्रिंट पर कर संबंधी समस्याओं, डिजिटल मीडिया की मान्यता तथा छोटे एवं मध्यम समाचार माध्यमों के अस्तित्व और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को संबंधित स्तर पर उठाने की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया जाता रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकारों के सामने केवल सुरक्षा का प्रश्न नहीं है, बल्कि उनके सामाजिक एवं आर्थिक भविष्य का सवाल भी महत्वपूर्ण है। पत्रकारों के लिए आवास योजना, चिकित्सा सुविधा, पेंशन व्यवस्था को सरल बनाने, आर्थिक सुरक्षा तथा जरूरतमंद पत्रकारों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी बनाने की मांग संगठन लगातार उठाता रहा है।
उन्होंने कहा कि जो पत्रकार वर्षों तक समाज और लोकतंत्र की सेवा करता है, उसके भविष्य की चिंता भी समाज और सरकार की जिम्मेदारी होनी चाहिए। संगठन पत्रकारों के लिए ऐसी नीतियों की मांग करता रहेगा, जिससे पत्रकार और उनका परिवार सम्मानजनक जीवन जी सके।
संगठन द्वारा पत्रकारों को उनके अधिकारों, पत्रकारिता के दायित्वों, कानूनों, डिजिटल पत्रकारिता, समाचार लेखन, तथ्यपरक पत्रकारिता तथा बदलते मीडिया परिवेश के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आज पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। ऐसे में पत्रकारों को तकनीकी रूप से सक्षम, कानूनी रूप से जागरूक और पत्रकारिता के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध होना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन और पत्रकारों के बीच बेहतर संवाद भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है। इसलिए पत्रकारों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद ताबिश ने कहा कि मराठवाड़ा में संगठन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक जिले और तहसील स्तर तक पत्रकारों को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की शक्ति उसकी संख्या से अधिक उसकी एकता, अनुशासन और पत्रकार हितों के प्रति प्रतिबद्धता में है। पत्रकारों की समस्याओं को सामूहिक रूप से उठाने के लिए मजबूत संगठनात्मक ढांचे की आवश्यकता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष जावेद खान ने कहा कि पत्रकारों के बीच आपसी सहयोग और एकता समय की सबसे बड़ी जरूरत है। पत्रकार किसी भी परिस्थिति में अकेला महसूस न करे, इसके लिए संगठन को मजबूत बनाना आवश्यक है। उन्होंने सभी पत्रकारों से संगठन के उद्देश्यों के प्रति निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
प्रदेश संगठन सचिव सैय्यद अनवर कादरी ने कहा कि पत्रकार हितों की लड़ाई को प्रभावी बनाने के लिए संगठन की कार्ययोजना को गांव, तहसील, जिला और प्रदेश स्तर तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की समस्याओं का दस्तावेजीकरण, प्रशासन तक ज्ञापन पहुंचाना और पत्रकारों को उनके अधिकारों की जानकारी देना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
प्रदेश सचिव मराठवाड़ा महिला विंग महजबीन अम्बर ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में महिला पत्रकारों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। महिला पत्रकारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने महिला पत्रकारों को संगठन से जोड़ने तथा उनके अधिकारों एवं सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की बात कही।
जालना जिला अध्यक्ष आमेर खान ने कहा कि जिले में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ पत्रकारों की स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन की 18वीं वर्षगांठ पत्रकार एकता और नई ऊर्जा का संदेश लेकर आई है।
जालना जिला सचिव शेख सलीम ने कहा कि पत्रकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाएगी। उन्होंने पत्रकारों से संगठन के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
औरंगाबाद जिला महासचिव अजीम खान ने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए मजबूत संगठन ही सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि औरंगाबाद में संगठन को और अधिक सक्रिय एवं व्यापक बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
औरंगाबाद जिला संगठन सचिव सैय्यद जाकिर अहमद ने कहा कि पत्रकार हितों के मुद्दों को संगठित रूप से उठाने तथा जरूरतमंद पत्रकारों के साथ खड़े रहने की संगठन की परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की 18 वर्षों की यात्रा पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान के लिए संघर्ष की यात्रा रही है। संगठन ने विभिन्न राज्यों में पत्रकारों को एक मंच पर लाने, पत्रकारों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने, पत्रकार उत्पीड़न के मामलों में आवाज उठाने, पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रति जागरूकता फैलाने तथा पत्रकारों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाने का कार्य किया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सेराज अहमद कुरैशी ने कहा कि संगठन का लक्ष्य केवल स्थापना दिवस मनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक वर्ष अपने संघर्ष और जिम्मेदारियों की समीक्षा करते हुए पत्रकार हितों के लिए नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संगठन पत्रकारों की समस्याओं को और अधिक मजबूती से उठाएगा तथा पत्रकार एकता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का अभियान जारी रखेगा।
उन्होंने उपस्थित सभी पदाधिकारियों और पत्रकारों से आह्वान किया कि वे पत्रकारिता की गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखते हुए पत्रकार हितों की आवाज को बुलंद करें। पत्रकारों की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और संगठित पत्रकार ही अपने अधिकारों, सम्मान और स्वाभिमान की प्रभावी लड़ाई लड़ सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित पत्रकारों एवं पदाधिकारियों ने एक-दूसरे को इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की 18वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दीं और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा पत्रकार हितों के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मोहम्मद ताबिश प्रदेश अध्यक्ष मराठवाड़ा, जावेद खान प्रदेश उपाध्यक्ष, सैय्यद अनवर कादरी प्रदेश संगठन सचिव, महजबीन अम्बर प्रदेश सचिव मराठवाड़ा महिला विंग, आमेर खान जिला अध्यक्ष जालना, शेख सलीम जिला सचिव जालना, अजीम खान जिला महासचिव औरंगाबाद, सैय्यद जाकिर अहमद जिला संगठन सचिव औरंगाबाद, कलीमुद्दीन शहराध्यक्ष औरंगाबाद सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।








