आसनसोल-दुर्गापुर में फोरेंसिक जांच का नया अध्याय
आसनसोल-दुर्गापुर: अपराध की जांच में अब विज्ञान और आधुनिक तकनीक की भूमिका और मजबूत होने जा रही है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट परिसर में गुरुवार को विशेष ‘मोबाइल फोरेंसिक वैन’ की शुरुआत की गई। पुलिस कमिश्नर डॉ. प्रणव कुमार ने हरी झंडी दिखाकर इस अत्याधुनिक वाहन को रवाना किया।

यह मोबाइल फोरेंसिक वैन घटनास्थल पर पहुंचकर महत्वपूर्ण और सूक्ष्म साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से जुटाने और सुरक्षित रखने में मदद करेगी। करीब 14 विशेष किटों से लैस इस वैन के जरिए घटनास्थल से मिलने वाले विभिन्न प्रकार के साक्ष्यों की तत्काल जांच और संरक्षण को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
खास तौर पर अपराध के बाद घटनास्थल पर मौजूद छोटे से छोटे सबूतों को समय रहते सुरक्षित करना जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। मोबाइल फोरेंसिक वैन के जरिए पुलिस को मौके पर ही वैज्ञानिक सहायता मिलने से जांच प्रक्रिया अधिक तेज और सटीक होने की उम्मीद है।

अधिकारियों का मानना है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराध की गुत्थी सुलझाने और आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को काफी मदद मिलेगी। इससे जांच में अनुमान की जगह वैज्ञानिक साक्ष्यों को अधिक महत्व दिया जा सकेगा।
आसनसोल-दुर्गापुर में मोबाइल फोरेंसिक वैन की शुरुआत को अपराध नियंत्रण और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तकनीक और पुलिस की कार्यकुशलता के इस मेल से आने वाले दिनों में जांच प्रक्रिया और अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।








