BMS शिष्टमंडल ने CGM (MM) से की मुलाकात: घटिया रेनकोट और सुरक्षा जूतों की कैटेगरी बदलने पर हुई गंभीर चर्चा
बर्नपुर: भारतीय मजदूर संघ (BMS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने CGM (MM) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में कर्मचारियों को दिए जा रहे सुरक्षा जूतों की गुणवत्ता और हाल ही में मिले घटिया दर्जे के रेनकोट को लेकर विस्तार से चर्चा हुई और प्रबंधन को उचित कदम उठाने के सुझाव दिए गए।
बैठक के मुख्य बिंदु और BMS के सुझाव निम्नलिखित हैं:
• छोटे आकार और खराब क्वालिटी के रेनकोट: BMS ने मुद्दा उठाया कि कर्मचारियों को जो रेनकोट दिए गए हैं, वे जरूरत के अनुसार बहुत छोटे साइज के हैं। इसके अलावा उनकी क्वालिटी इतनी खराब है कि दो-तीन बार पहनने से ही वे फट जा रहे हैं।
• रेनकोट वापसी की प्रक्रिया: BMS पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि जिन कर्मचारियों को छोटे या खराब साइज के रेनकोट मिले हैं, वे उन्हें अपने विभाग (Dept) में वापस करें। विभाग इन्हें सेफ्टी डिपार्टमेंट के माध्यम से MM (सामग्री प्रबंधन) विभाग को वापस भेजेगा, जिसके बाद इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
• सुरक्षा जूतों की कैटेगरी में बदलाव की मांग: वर्तमान में सभी कर्मचारियों को एक ही कैटेगरी और क्वालिटी का जूता दिया जा रहा है। BMS ने तर्क दिया कि कुछ कर्मचारी बहुत ही क्रिटिकल और खतरनाक (Hazardous) एरिया में काम करते हैं, कुछ सर्विसेज में हैं, तो कुछ ऑफिस में बैठते हैं। इसलिए काम के माहौल के हिसाब से जूतों की अलग-अलग कैटेगरी बनाई जाए, ताकि सभी कर्मचारी इसका सही और सुरक्षित उपयोग कर सकें।
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से BIKS के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह,BTMS के महामंत्री संजीत प्रसाद, और BIKS के उपाध्यक्ष दीपक कुमार सिंह आदि पदाधिकारी मौजूद थे।










