*प्रेस विज्ञप्ति*
*1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित वार्षिक बोनस (ASPLIS) संबंधी बैठक का परिणाम*
1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में SAIL के वार्षिक बोनस (ASPLIS) से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत में प्रबंधन की ओर से पिछले वर्ष के उत्पादन एवं उत्पादकता की प्रगति रिपोर्ट तथा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के कार्य-निष्पादन की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। प्रबंधन ने बताया कि संगठन उत्पादन एवं लाभप्रदता, दोनों ही क्षेत्रों में निरंतर प्रगति कर रहा है। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2026-27 में 10,000 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित करने का लक्ष्य भी बैठक में प्रस्तुत किया गया। सभी ट्रेड यूनियनों ने इस लक्ष्य का स्वागत किया।
बैठक के अगले चरण में प्रबंधन ने प्रचलित बोनस निर्धारण के फॉर्मूले के अनुसार बोनस की गणना प्रस्तुत की। इस गणना के अनुसार, प्रत्येक कर्मचारी के लिए बोनस की राशि 31,109 रुपये निर्धारित हुई। इसके बाद प्रबंधन ने इस राशि को पूर्णांक में बदलकर 31,200 रुपये बोनस देने का प्रस्ताव रखा। वहीं, प्रशिक्षणरत कर्मचारियों (Trainees) के लिए 24,960 रुपये बोनस का प्रस्ताव दिया गया। प्रबंधन के इस प्रस्ताव का सभी ट्रेड यूनियनों ने कड़ा विरोध किया।
CITU की ओर से स्पष्ट रूप से 40,500 रुपये बोनस की मांग रखी गई तथा प्रबंधन द्वारा प्रस्तावित बोनस की राशि किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होने की बात दो टूक शब्दों में कही गई।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 में वर्तमान बोनस निर्धारण फॉर्मूला तैयार किए जाने के समय से ही CITU इस त्रुटिपूर्ण एवं भ्रामक बोनस निर्धारण फॉर्मूले में संशोधन की मांग करता आ रहा है। CITU का स्पष्ट मत है कि इस फॉर्मूले में उत्पादन एवं उत्पादकता को बनाए रखने तथा उसमें वृद्धि करने में श्रमिकों के महत्वपूर्ण योगदान को उचित रूप से प्रतिबिंबित नहीं किया गया है।
बैठक में CITU की ओर से 39 माह के बकाया वेतन एवं भत्तों का बिना किसी शर्त के तत्काल भुगतान करने तथा NJCS के सभी लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई।
लंबी चर्चा के कई दौर तथा SAIL के चेयरमैन के साथ बातचीत के बाद प्रबंधन ने 32,000 रुपये बोनस पर समझौते को अंतिम रूप देने का प्रस्ताव रखा। इसी के अनुरूप समझौते के दस्तावेज भी तैयार कर लिए गए।
लेकिन CITU ने अपनी पूर्वघोषित सैद्धांतिक स्थिति पर अडिग रहते हुए 32,000 रुपये के बोनस समझौते पर हस्ताक्षर करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। श्रमिकों के योगदान के आधार पर अर्जित उत्पादन, उत्पादकता एवं मुनाफे के अनुरूप अधिक बोनस की मांग से CITU पीछे नहीं हटा। श्रमिकों के उचित एवं न्यायसंगत अधिकारों की प्राप्ति के सवाल पर CITU ने अपनी सैद्धांतिक स्थिति कायम रखी और 32,000 रुपये के बोनस समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए।
दूसरी ओर, INTUC, BMS, AITUC एवं HMS ने समझौते के दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर SAIL प्रबंधन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया।
उक्त बैठक में CITU की ओर से कॉमरेड ललित मोहन मिश्रा एवं कॉमरेड डी. वी. एस. रेड्डी उपस्थित थे।










