भाजपा नेता अनजय पासवान पर क्वार्टर कब्जाने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद, साजिशकर्ताओं को बेनकाब कर पासवान ने पेश किए दस्तावेजी सबूत!
कुल्टी:चिनाकुड़ी 3 नंबर इलाके में एक क्वार्टर को लेकर उठे सियासी और सामाजिक विवाद में नया मोड़ आ गया है। भाजपा नेता अनजय पासवान ने अपने ऊपर लगे क्वार्टर हड़पने के आरोपों की धज्जियां उड़ाते हुए इसे एक सोची-समझी गहरी साजिश करार दिया है। गुरुवार को चिनाकुड़ी 3 नंबर स्थित अपने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक धमाकेदार प्रेसवार्ता में अनजय पासवान ने हर एक आरोप का पुरजोर खंडन किया और विरोधियों के दावों की हवा निकाल दी।
आरोपों की खुली पोल: जबरन नहीं, आपसी सहमति से मिला था क्वार्टर
गौरतलब है कि क्वार्टर के मालिक दिनेश्वर सिंह ने नियामतपुर फांड़ी में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि उनके बेटे के साथ मारपीट कर जबरन क्वार्टर पर कब्जा किया गया है। इन आरोपों पर कड़ा प्रहार करते हुए भाजपा नेता अनजय पासवान ने मीडिया के सामने दोटूक कहा, “मुझ पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं। सच यह है कि दिनेश्वर सिंह ने खुद यह क्वार्टर मुझे सौंपा था।” पासवान ने खुलासा किया कि दिनेश्वर सिंह का बेटा छोटू सिंह उस क्वार्टर का गलत इस्तेमाल कर रहा था, जिससे तंग आकर सामाजिक माहौल बिगड़ने के डर से खुद परिवार ने क्वार्टर पासवान के हवाले किया था।
लाखों के लेन-देन का दस्तावेजी सच: पासवान के पास पुख्ता सबूत
पासवान ने सिर्फ मौखिक बयान नहीं दिया, बल्कि पूरे मामले को कानूनी और दस्तावेजी तौर पर साफ कर दिया। उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के बीच उन्होंने दिनेश्वर सिंह और उनके बेटे छोटू सिंह को लगभग 2 लाख 80 हजार रुपये की बड़ी रकम दी थी। इसमें से उन्होंने केवल 1 लाख रुपये ही वापस किए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि इस पूरे लेन-देन और क्वार्टर की बातचीत का लिखित दस्तावेज (कागजात) अनजय पासवान के पास सुरक्षित है। पासवान ने चुनौती भरे लहजे में कहा, “साजिश के तहत मुझे फंसाने का खेल खेला जा रहा है, लेकिन सच को छुपाया नहीं जा सकता। इस सच्चाई की गवाही चिनाकुड़ी का कोई भी आम नागरिक दे सकता है।”
अवैध कब्जे का आरोप हास्यास्पद, ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के सिद्धांत पर अडिग
बंगले पर अवैध कब्जे के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए भाजपा नेता ने साफ किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदर्शों पर चलने वाले कार्यकर्ता हैं। उन्होंने विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए प्रेसवार्ता का समापन पीएम मोदी के प्रसिद्ध नारे से किया—”न खाऊंगा, न खाने दूंगा!” पासवान ने स्पष्ट कर दिया कि भ्रष्टाचार और साजिश के खिलाफ उनकी यह लड़ाई जारी रहेगी और वे किसी भी झूठी शिकायत या साजिश के आगे झुकने वाले नहीं हैं।
इस प्रेसवार्ता के बाद इलाके में अनजय पासवान के पक्ष में माहौल पूरी तरह गरमा गया है और विरोधियों के खेमे में सन्नाटा पसरा हुआ है।










