आसनसोल दक्षिण सोशल वेलफेयर सोसाइटी की ओर से आज 15वें वार्षिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। संस्था का लक्ष्य 30 से 35 यूनिट रक्तदान करना था
इस अवसर पर संस्था के कन्वेनर विजय चटर्जी ने कहा, उनके संगठन की तरफ से पंद्रहवां वार्षिक ब्लड डोनेशन कैंप हो रहा है। आज हमें उम्मीद है तीस से पैंतीस यूनिट ब्लड देंगे। क्योंकि सरकारी हॉस्पिटल में रक्त का अभी बहुत अमी चल रही है, इसलिए हमने इसी समय को चुना है।”

उन्होंने सरकारी अस्पताल प्रबंधन से अपील करते हुए कहा, “हम सरकारी हॉस्पिटल से भी अनुरोध करेंगे कि जो लोग कार्ड लेकर जाते हैं, वो कार्ड लेकर घूम कर आते हैं और ब्लड नहीं पाते, लेकिन वही हजार-पांच सौ रुपये देने पर कई लोगों को ब्लड मिल जाता है, ऐसा न हो। जो ब्लड डोनेट करते हैं, उन्हें पहले मिले तो लोग उत्साहित होंगे।”
विजय चटर्जी ने कहा, “हम चाहते हैं कि शादी से पहले सभी लोग थैलेसीमिया चेकअप करा लें, तो गवर्नमेंट हॉस्पिटल में ब्लड का जो क्राइसिस है, वो हमें शायद झेलना न पड़े। हम में से कोई भी, चाहे मेरी फैमिली हो या आपकी फैमिली, थैलेसीमिया चेक नहीं कराते। जिसके कारण हर हफ्ते लगभग साढ़े तीन सौ यूनिट ब्लड सरकारी हॉस्पिटल में जाता है।”
उन्होंने बताया, “परसों सरकारी हॉस्पिटल में मीटिंग हुई थी, वहां देखा कि साल भर में मुश्किल से 20 हजार ब्लड डोनर मिलते हैं, लेकिन जरूरत लगभग 30 हजार यूनिट की होती है। इसमें रोड एक्सीडेंट वगैरह सब कुछ है। सोशल काम के लिए लोग मिलना बहुत मुश्किल है, अगर कोई पूजा हो या खाने-पीने का प्रोग्राम हो तो लोग बहुत मिल जाएंगे।”
“आप सभी से अनुरोध है कि इस रक्त जागरूकता को जगाए रखें। हम सब मिलकर कोशिश करेंगे कि 18 से 28 साल के युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित कर सकें। इसके लिए हर स्कूल में हमें कैंपेनिंग करनी होगी।”
उन्होंने बताया कि संस्था रक्तदान के अलावा नि:शुल्क नेत्र ऑपरेशन का कार्य भी कराती है।










