सात साल का अंधेरा खत्म! जगमग उठा सुभाष सेतु, मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने किया रोशनी का उद्घाटन
दिसरगढ़ के सुभाष सेतु पर लौटी रोशनी, राहगीरों ने ली राहत की सांस; अब नियमित रखरखाव की उम्मीद
कुल्टी। सात वर्षों से अंधेरे में डूबे डिसरगढ़ स्थित दामोदर नदी के सुभाष सेतु पर आखिरकार एक बार फिर रोशनी लौट आई है। लंबे इंतजार के बाद रविवार को पश्चिम बंगाल सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री एवं कुल्टी के विधायक डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने पुल पर लगी लाइटों का उद्घाटन किया। लाइटें चालू होते ही पुल को रोशन करने की वर्षों पुरानी उम्मीद पूरी हुई और स्थानीय लोगों सहित पुल से गुजरने वाले राहगीरों ने राहत की सांस ली।
सात साल तक खंभों पर लगी रहीं लाइटें, लेकिन नहीं मिली रोशनी
दामोदर नदी पर बने सुभाष सेतु से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। इसके बावजूद पुल पर लगी लाइटें पिछले करीब सात वर्षों से बंद पड़ी थीं। लाइटों के खंभे मौजूद थे, लेकिन रोशनी के अभाव में पुल पर अंधेरा पसरा रहता था। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के दूर होने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है।
रोशनी लौटी, अब रखरखाव की बारी
सुभाष सेतु पर लाइटें दोबारा जलने से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि शनिवार शाम को ही लाइटों का उद्घाटन कर दिया गया था, जबकि रविवार को मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार द्वारा उद्घाटन किए जाने की बात सामने आई।
फिलहाल, पुल पर रोशनी लौटने से लोगों को राहत जरूर मिली है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह व्यवस्था कितने दिनों तक कायम रहती है। स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि संबंधित विभाग लाइटों के नियमित रखरखाव और समय पर मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि सुभाष सेतु दोबारा अंधेरे में डूबने को मजबूर न हो।
सात साल बाद जली रोशनी ने लोगों के मन में नई उम्मीद जगाई है। अब देखना यह है कि यह उजाला केवल उद्घाटन तक सीमित रहता है या लंबे समय तक सुभाष सेतु को रोशन रखता है।










