चिनाकुड़ी में चिराग पासवान के जन्मदिन पर उमड़ा उत्साह, सक्रिय कार्यकर्ताओं ने लिया पार्टी को मजबूत बनाने का संकल्प
केक काटकर मनाया जन्मदिन, गरीबों और वंचितों की आवाज बुलंद करने का लिया संकल्प
कुल्टी। चिनाकुड़ी बाजार के तीन नंबर इलाके में शनिवार देर शाम लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का जन्मदिन धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं में जबरदस्त जोश देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने संगठन के प्रति उनके उत्साह और समर्पण को प्रदर्शित किया।
कार्यक्रम का आयोजन लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के श्रमिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष दिनेश दुसाध के नेतृत्व में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के कुल्टी जोन के अनुसूचित जाति (एससी) नेता अनजय पासवान उपस्थित रहे। इसके अलावा महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष राधा कुमारी, जिला सचिव पवन पासवान, जिला सचिव गोरेलाल पासवान सहित पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल हुए।
जन्मदिन के अवसर पर केक काटकर चिराग पासवान की लंबी उम्र और उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की गई। साथ ही बच्चों के बीच मिठाइयां बांटी गईं और उनके लिए खाने-पीने की व्यवस्था की गई। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्सव का माहौल बना रहा।
चिराग पासवान युवाओं की उम्मीद और वंचितों की आवाज : राधा कुमारी
महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष राधा कुमारी ने कहा कि चिराग पासवान केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि युवाओं की उम्मीद और गरीबों, दलितों, पिछड़ों तथा वंचित वर्गों की आवाज हैं। उनके अनुसार, स्वर्गीय रामविलास पासवान के विचारों और अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने में चिराग पासवान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
घर-घर तक पहुंचेंगे चिराग पासवान के विचार : दिनेश दुसाध
श्रमिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष दिनेश दुसाध ने कहा कि पार्टी के विचारों और नीतियों को जन-जन तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि कार्यकर्ताओं की सक्रियता, एकजुटता और निरंतर मेहनत से आने वाले समय में संगठन और मजबूत होगा। उन्होंने वर्ष 2027 में पार्टी को नई मजबूती के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
चिनाकुड़ी में आयोजित यह जन्मदिन समारोह केवल जश्न तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कार्यकर्ताओं के बीच संगठनात्मक एकजुटता, सामाजिक भागीदारी और राजनीतिक सक्रियता का संदेश देने वाला कार्यक्रम भी बना।










