हिंदी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल में संस्कृत दिवस का भव्य आयोजन
हावड़ा/कोलकाता, 27 अगस्त 2026 : हिंदी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल में संस्कृत भाषा की समृद्धि और उसकी समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करने के उद्देश्य से संस्कृत दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना सभा से हुआ, जिसमें संस्कृत ध्येय-मंत्र और सुभाषितों का सस्वर पाठ किया गया। तत्पश्चात सुभाषित-पाठ, संस्कृत गीत, कहानी-वाचन, सहज संस्कृत वार्तालाप, संस्कृत भाषण तथा अनुवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। संस्कृत नाट्य-मंचन, संस्कृत प्रदर्शनी और संस्कृत शोभायात्रा ने इस उत्सव को और अधिक गरिमामय बना दिया, जिससे ज्ञान, रचनात्मकता और सांस्कृतिक अभिरुचि का अनुपम वातावरण निर्मित हुआ।
विश्वविद्यालय की माननीय कुलपति प्रो. नंदिनी साहू ने अपने संबोधन में संस्कृत साहित्य और भाषा की समृद्ध परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने विश्व साहित्य में संस्कृत के योगदान की चर्चा करते हुए पाणिनि, पतंजलि, यास्क, भर्तृहरि, कौटिल्य, गौतम, कणाद, कपिल, जैमिनि, बादरायण, आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य, मध्वाचार्य, अभिनवगुप्त, आनंदवर्धन, मम्मट, भरत मुनि, वामन, कुंतक और विश्वनाथ कविराज जैसे महान विद्वानों एवं दार्शनिकों का उल्लेख किया।

प्रो. साहू ने संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों को संस्कृत साहित्य के अध्ययन और उस पर शोध कार्य करने के लिए प्रेरित किया।








