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इंदिरा गांधी अमर रहें! कुल्टी में कांग्रेसियों ने दी लौह महिला को श्रद्धांजलि, लगाए गगनभेदी नारे बैंकों और कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण को किया याद, बाबू बनर्जी बोले—आज उन्हीं की बनाई संपत्तियों को बेचा जा रहा है

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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इंदिरा गांधी अमर रहें! कुल्टी में कांग्रेसियों ने दी लौह महिला को श्रद्धांजलि, लगाए गगनभेदी नारे

बैंकों और कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण को किया याद, बाबू बनर्जी बोले—आज उन्हीं की बनाई संपत्तियों को बेचा जा रहा है

कुल्टी। देश की पूर्व प्रधानमंत्री और लौह महिला के नाम से मशहूर इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इंदिरा गांधी कॉलोनी, सिमल ग्राम और बराकर रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कांग्रेसियों ने उनके योगदान को याद किया। इस दौरान पूरा इलाका “इंदिरा गांधी अमर रहें” और “जब तक सूरज-चांद रहेगा, इंदिरा जी का नाम रहेगा” के नारों से गूंज उठा।

कार्यक्रम में कुल्टी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुकांत दास, जिला कार्यकारी सदस्य इम्तियाज खान, आईएनटीयूसी सचिव बाबू बनर्जी, कुल्टी नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष बिस्वजीत मंडल, हसन इमाम खान, युवा कांग्रेस अध्यक्ष जाकिर हुसैन, वसीम, फिरोज, गोरा चटर्जी और अधिवक्ता हामिद सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राष्ट्रीयकरण के फैसलों को किया याद

इस अवसर पर आईएनटीयूसी सचिव बाबू बनर्जी ने इंदिरा गांधी के ऐतिहासिक फैसलों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। बैंकों के राष्ट्रीयकरण और कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन फैसलों का प्रभाव आज भी देश की आर्थिक व्यवस्था और श्रमिकों के जीवन में देखा जा सकता है।

बाबू बनर्जी ने कहा, “इंदिरा गांधी ने देश के लिए बहुत कुछ किया। वर्ष 1971 के युद्ध के बाद बांग्लादेश का गठन हुआ। उन्होंने बैंकों और कोयला खदानों के राष्ट्रीयकरण जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए। आज दुख होता है कि जिन संस्थानों और संपत्तियों को मजबूत बनाने में उनके फैसलों की अहम भूमिका रही, उन्हीं संपत्तियों को बेचने की बात सामने आती है।”

उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर उनका उद्देश्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप करना नहीं, बल्कि देश के प्रति उनके योगदान और ऐतिहासिक फैसलों को याद करना है।

नारों के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रसेवा के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए उपस्थित लोगों ने “जय हिंद” और “वंदे मातरम्” के नारे लगाए। श्रद्धांजलि कार्यक्रम का समापन इंदिरा गांधी के प्रति सम्मान और उनके विचारों को याद करने के संकल्प के साथ हुआ।

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