कुल्टी में रेलवे का बड़ा एक्शन: बलतोड़िया रेल साइडिंग के पास अवैध निर्माणों पर चला बुलडोजर, DFCC लाइन का काम होगा शुरू
कुल्टी:आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत कुल्टी विधानसभा के वार्ड नंबर 66 में शनिवार को रेल प्रशासन ने एक बड़ी बेदखली कार्रवाई को अंजाम दिया। [शक्तिगढ़-झाझा तीसरी लाइन परियोजना] के तहत आने वाले बलतोड़िया रेल साइडिंग के पास रेलवे की कीमती जमीन पर लंबे समय से बने अवैध कच्चे-पक्के मकानों को बुलडोजर (जेसीबी) से ढहा दिया गया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया, हालांकि प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी के साथ जमीन को अपने नियंत्रण में ले लिया है।नोटिस के बाद भी नहीं खाली की थी जमीनरेलवे सूत्रों के अनुसार, इस कीमती जमीन पर काफी समय से अवैध कब्जा था। रेल प्रशासन ने कब्जाधारियों को जमीन खाली करने के लिए पहले कई बार कानूनी नोटिस जारी किए थे। नोटिस की अवधि बीत जाने के बाद भी जब अवैध निर्माण नहीं हटाए गए, तब शनिवार सुबह प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची।सुरक्षा बलों की तैनाती में हुई कार्रवाईकार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस, आरपीएफ (RPF) के जवान और रेल अधिकारी भारी संख्या में तैनात थे। सुरक्षा बलों की मौजूदगी में बुलडोजर ने सभी अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया। रेलवे ने साफ किया है कि भविष्य में भी उनकी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ इस तरह का अभियान जारी रहेगा।DFCC और थर्ड लाइन परियोजना के लिए कार्रवाई जरूरी: वरिष्ठ संभागीय अभियंतामौके पर मौजूद विभागीय वरिष्ठ संभागीय अभियंता (थर्ड लाइन एस्टेब्लिशमेंट) ने बताया, “काफी समय से DFCC (डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) रेलवे लाइन का प्रस्तावित काम बाधित हो रहा था। हमें यूटिलिटी शिफ्टिंग का कार्य करना है, सेंटर लाइन देना है और ब्रिज का लोकेशन फाइनल करना है। कंस्ट्रक्शन विभाग काम आगे बढ़ाने के लिए लगातार जमीन मुहैया कराने की मांग कर रहा था।”उन्होंने आगे कहा, “यह मामला बहुत दिनों से लंबित था। पिछले साल भी अभियान चलाया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों की मांग पर इसे अस्थाई रूप से रोका गया था। अब कार्य की प्रगति को संतोषजनक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए रेल प्रशासन ने जो टारगेट तय किया है, उसी के तहत यह अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है।”











