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पत्रकारिता को मिशन के रूप में करें — हाशिम रिजवी

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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पत्रकारिता को मिशन के रूप में करें — हाशिम रिजवी

पत्रकारों की एकजुटता से ही मिलेगा सम्मान और अधिकार — कृष्ण प्रताप सिंह

हिंदी पत्रकारिता दिवस पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन की विचार गोष्ठी आयोजित

सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश।

हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा डुमरियागंज स्थित संगठन कार्यालय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता के मूल्यों, निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता की आवश्यकता, पत्रकारों की एकजुटता तथा वर्तमान समय में पत्रकारों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी की अध्यक्षता आईजेए डुमरियागंज तहसील अध्यक्ष राजेश यादव ने की, जबकि कार्यक्रम का संचालन देवानंद पाठक ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ एवं युवा पत्रकारों ने सहभागिता करते हुए हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास तथा उसके समक्ष मौजूद चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष (पूर्वांचल) हाशिम रिजवी ने कहा कि पत्रकारिता केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि समाज और लोकतंत्र की सेवा का एक महत्वपूर्ण मिशन है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्षता, सत्यनिष्ठा और निर्भीकता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित पत्रकारों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि सभी पत्रकार सत्य और जनहित की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहें तथा पत्रकारिता के सम्मान और गरिमा को कभी कम न होने दें।
हाशिम रिजवी ने कहा कि आज के दौर में पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से गुजर रही है, ऐसे समय में पत्रकारों को अपने नैतिक मूल्यों को बनाए रखते हुए समाज के सामने सच्चाई लाने का कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी जिम्मेदारी केवल समाचार प्रकाशित या प्रसारित करना नहीं, बल्कि समाज को जागरूक और उत्तरदायी बनाना भी है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईजेए के जिलाध्यक्ष कृष्ण प्रताप सिंह (बब्बू) ने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब तक पत्रकार संगठित नहीं होंगे, तब तक उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना कठिन होगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के उत्पीड़न, उत्पीड़नात्मक मुकदमों तथा विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का मुकाबला केवल सामूहिक एकता और संगठन की मजबूती से ही किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एक मजबूत और जागरूक पत्रकार संगठन न केवल पत्रकारों के हितों की रक्षा करता है, बल्कि समाज में स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता को भी सशक्त बनाता है। उन्होंने सभी पत्रकारों से संगठन को मजबूत करने और आपसी सहयोग की भावना बनाए रखने का आह्वान किया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए बस्ती मंडल प्रवक्ता विजय यादव ने कहा कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य समाज और राष्ट्रहित की सेवा करना है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में व्याप्त समस्याओं को उजागर किया जाता है तथा जनसरोकारों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों की सामाजिक भूमिका, मीडिया की विश्वसनीयता, बदलते मीडिया परिदृश्य तथा पत्रकारों की सुरक्षा और अधिकारों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। उपस्थित पत्रकारों ने हिंदी पत्रकारिता के जनक पंडित युगल किशोर शुक्ल द्वारा 30 मई 1826 को प्रकाशित प्रथम हिंदी समाचार पत्र ‘उदन्त मार्तण्ड’ को याद करते हुए हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी के अंत में पत्रकारों ने निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई तथा पत्रकार एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आईजेए के मंडल प्रवक्ता विजय यादव, जिला उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, प्रमोद श्रीवास्तव, सच्चिदानंद मिश्र, देवानंद पाठक, मोहम्मद इस्माइल, सैफ हैदर रिजवी, गणेश अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।