पूर्व रेलवे/प्रेस विज्ञप्ति: 2026/09/96
*पूर्व रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की टीम ने 16.41 लाख रुपये की बड़ी चोरी का मामला सुलझाया*
* मुख्य आरोपी और चोरी का सामान लेने वाले व्यक्ति को सामान की बरामदगी के साथ गिरफ्तार किया गया
कोलकाता, 21 सितंबर, 2026
पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक सुश्री गीतिका पाण्डेय के नेतृत्व में त्वरित परिचालन समन्वय, प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग एवं तत्पर कार्रवाई का प्रदर्शन करते हुए पूर्व रेलवे की रेलवे सुरक्षा बल(आरपीएफ) तथा स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने घटना के कुछ ही दिनों के भीतर 16.41 लाख रुपये की बड़ी चोरी के मामले का सफलतापूर्वक पता लगा लिया। टीम ने मुख्य आरोपी तथा चोरी की संपत्ति प्राप्त करने वाले व्यक्ति, दोनों को गिरफ्तार किया और चोरी की गई बहुमूल्य वस्तुओं का एक बड़ा हिस्सा बरामद किया, जिसमें सोने के आभूषण, चांदी के सिक्के एवं नकदी शामिल हैं।
यह घटना तब सामने आई जब एक यात्री ने ‘रेल मदद’ पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। शिकायत ट्रेन नंबर ट्रेन संख्या 12378 डाउन पदातिक एक्सप्रेस के कोच S-1 से कीमती सामान की चोरी और छीनने के बारे में थी, जो 15 सितंबर, 2026 को कोटलपुकुर रेलवे स्टेशन पर खड़ी थी। चोरी की गई वस्तुओं में सोने के आभूषण, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के एवं एक मोबाइल फोन शामिल थे। चोरी की गई संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य लगभग ₹16.41 लाख था।
शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरपीएफ पोस्ट पाकुड़, आरपीएफ पोस्ट बरहरवा तथा सीआईबी बर्ध्दवान के कर्मियों को शामिल कर एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मामले की जाँच शुरू की। टीम ने कोटलपुकुर रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की विस्तृत जाँच की। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति को कोच संख्या S-1 में ऑफ-साइड से चढ़ते हुए देखा गया। सीसीटीवी साक्ष्यों को जमीनी स्तर से प्राप्त खुफिया जानकारी के साथ जोड़कर टीम ने संदिग्ध व्यक्ति की सफलतापूर्वक पहचान कर ली।
विशिष्ट सूचना के आधार पर तथा राजमहल थाना की सहायता से संयुक्त टीम ने राजमहल के नागेश्वर बाग गांव स्थित संदिग्ध के ससुर के आवास पर लक्षित छापेमारी की। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे में मौजूद एक गुलाबी रंग के आभूषण बैग से चोरी की गई संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा बरामद किया गया। बरामद वस्तुओं में टूटे हुए सोने के चूड़ (चूड़ियां), सोने के बाला, एक हार, एक अंगूठी, पेंडेंट सहित एक चेन, बच्चे का बाजूबंध, देवी का मुकुट, कच्चा सोना, चांदी के सिक्के तथा ₹1,41,000 नकद शामिल हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि उसने दो सोने की चेन और सोने की दो जोड़ी बालियां एक स्थानीय आभूषण विक्रेता को ₹1,41,500 में बेच दी थीं। इस जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने राजमहल के लालू मार्केट स्थित एक आभूषण दुकान पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान चोरी की संपत्ति प्राप्त करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया तथा शेष चोरी किए गए सोने के आभूषण बरामद कर लिए गए।
इस संबंध में जीआरपीएस बरहरवा द्वारा केस संख्या 48/2026, दिनांक 20 सितंबर, 2026 दर्ज किया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 305(C), 317(2) एवं 3(5) के तहत दर्ज किया गया है।
इस मामले का सफलतापूर्वक पता लगाना रेल मदद के माध्यम से यात्री द्वारा तत्काल शिकायत दर्ज कराने, सीसीटीवी निगरानी, खुफिया सूचना आधारित जाँच तथा आरपीएफ एवं स्थानीय पुलिस अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय की उपयोगिता को दर्शाता है। पूर्व रेलवे प्रौद्योगिकी-सक्षम निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र तथा समन्वित प्रवर्तन प्रयासों के माध्यम से यात्रियों की सुरक्षा एवं संरक्षा को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।








