बराकर में सड़क सुरक्षा के लिए गांधीगिरी: बिना हेलमेट और सीट बेल्ट वालों को स्कूली बच्चों ने खिलाई चॉकलेट
कुल्टी।आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के निर्देश पर आज बराकर ट्रैफिक गार्ड ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक बेहद अनोखी और सराहनीय पहल की। बराकर के बेगुनिया मोड़ पर पुलिस ने वाहन चालकों को सजा देने के बजाय ‘गांधीवादी’ तरीके से जागरूक किया। इस अभियान में पुलिस के साथ स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
जुर्माने की जगह चॉकलेट और गुलाब
प्यारा अंदाज: बिना हेलमेट बाइक सवारों और बिना सीट बेल्ट वाले कार चालकों को बच्चों ने रोका।
अनोखा उपहार: नियमों का उल्लंघन करने वालों को फटकार लगाने के बजाय चॉकलेट दी गई।
सुरक्षा का वादा: बच्चों ने चालकों को प्यार से समझाकर भविष्य में हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने का वादा लिया।
‘व्हिस्की पीकर बाइक चलाना रिस्की है’
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस और बच्चों ने चालकों को जागरूक करने के लिए एक बेहद प्रभावी नारा दिया—”व्हिस्की पीकर बाइक चलाना रिस्की है।” चालकों को समझाया गया कि हेलमेट और सीट बेल्ट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि उनके खुद के जीवन और उनके परिवार की खुशियों के लिए जरूरी हैं।
स्थानीय लोगों ने की सराहना
पुलिस की इस रचनात्मक सोच और बच्चों के इस प्यारे प्रयास की पूरे बराकर और कुल्टी क्षेत्र में जमकर तारीफ हो रही है। लोगों का मानना है कि पुलिस का यह दोस्ताना और संवेदनशील रवैया चालकों की सोच को बदलने में कानूनी कार्रवाई से ज्यादा मददगार साबित होगा।










