- महाराजाधिराज उदय चंद महिला महाविद्यालय में साहित्य और राष्ट्रीय चेतना पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ

बर्दवान (7 जुलाई 2026) : महाराजाधिराज उदय चंद महिला महाविद्यालय, बर्दवान के इतिहास विभाग एवं IQAC ने हिंदी विश्वविद्यालय, हावड़ा के सहयोग से ‘राष्ट्र की कथा : औपनिवेशिक भारत में साहित्य और राष्ट्रीय चेतना : वन्दे मातरम् के 150 वर्ष का उत्सव’ विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन 7 जुलाई 2026 को किया।
इस संगोष्ठी को ‘भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद’ पूर्वी क्षेत्रीय केंद्र, कोलकाता, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया है। इसका आयोजन महाविद्यालय के एपीजे अब्दुल कलाम सभागार में किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता बर्दवान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) शंकर कुमार नाथ ने मुख्य अतिथि के रूप में की। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. असरफी खातून, प्रसिद्ध इतिहासकार प्रो. प्रोजित कुमार पालित, प्रो. अपराजिता धर, डॉ. गिरजनंद सिंह बिसेसुर (मॉरीशस), डॉ. निशा ठाकुर, डॉ. हेमंत साहा सहित भारत और विदेशों के कई प्रतिष्ठित शिक्षाविदों और शोधार्थियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ वन्दे मातरम् के गायन, दीप प्रज्ज्वलन, अतिथियों के स्वागत एवं सार-संग्रह पुस्तिका के विमोचन के साथ हुआ।
इस संगोष्ठी का उद्देश्य औपनिवेशिक भारत में राष्ट्रीय चेतना के निर्माण में साहित्य की भूमिका का अन्वेषण करना है, साथ ही वन्दे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का स्मरण करना है। शैक्षणिक सत्रों में साहित्य, राष्ट्रवाद, मुद्रण संस्कृति, औपनिवेशिक विरोधी आंदोलन, सांस्कृतिक पहचान और अंतःविषयक दृष्टिकोणों पर मुख्य व्याख्यान, पूर्ण सत्र एवं शोध पत्र प्रस्तुति के माध्यम से चर्चा की जाएगी।
संगोष्ठी में भारत भर के विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों के साथ-साथ नेपाल और मॉरीशस के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों द्वारा ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से 80 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगोष्ठी सार्थक अकादमिक संवाद को बढ़ावा देगी और साहित्य, इतिहास, संस्कृति एवं राष्ट्रीय चेतना पर शोध में महत्वपूर्ण योगदान देगी।










