हक की लड़ाई में विपक्ष की जीत: आसनसोल निगम में नेता प्रतिपक्ष चैताली तिवारी को आखिरकार मिला केबिन
आसनसोल,आसनसोल नगर निगम में पिछले चार वर्षों से जारी विपक्ष के अधिकारों की लड़ाई का सोमवार को सुखद अंत हुआ। वर्ष 2022 में निगम बोर्ड के गठन के बाद से केबिन की प्रतीक्षा कर रहीं नेता प्रतिपक्ष चैताली तिवारी को आखिरकार आज निगम कार्यालय में उनका अपना एक अलग आधिकारिक केबिन आवंटित कर दिया गया। यह महत्वपूर्ण व्यवस्था निगम चुनाव से ठीक छह महीने पहले अमल में आई है।समर्थकों और नेताओं में भारी उत्साहसोमवार को जब नेता प्रतिपक्ष चैताली तिवारी ने नए केबिन में प्रवेश किया, तो वहां का माहौल उत्सव जैसा था। इस खास मौके पर उनके स्वागत के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के तमाम पार्षद और वरिष्ठ नेता वहां मौजूद रहे। इसके साथ ही निगम के विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी केबिन में आकर उनसे शिष्टाचार मुलाकात की और शुभकामनाएं दीं।नियमों के तहत मिला अधिकार: चैताली तिवारीकेबिन मिलने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए चैताली तिवारी ने सत्ता पक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा:चार साल की अनदेखी: बीजेपी पार्षद पिछले 4 वर्षों से लगातार इस केबिन की मांग कर रहे थे, लेकिन सत्ता पक्ष इसे लगातार अनदेखा कर रहा था।बदलाव का असर: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अब नियमों के तहत विपक्ष को उसका जायज अधिकार और यह केबिन मिला है।जनकल्याण का संकल्प: अब इस केबिन के जरिए ‘अन्नपूर्णा भंडार’ जैसी महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे और सुचारू रूप से जनता तक पहुंचाया जाएगा।भ्रष्टाचार और भेदभाव के गंभीर आरोपनेता प्रतिपक्ष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर बड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि निगम के टीएमसी पदाधिकारी अपने भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए विपक्ष को जानबूझकर मुख्य व्यवस्था से बाहर रखते थे। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड की बैठकों में भी बीजेपी पार्षदों की आवाज को दबाया जाता था और उनके प्रस्तावों को कोई महत्व नहीं दिया जाता था।आरोपों पर मेयर विधान उपाध्याय का पलटवारदूसरी तरफ, इन तमाम तीखे आरोपों को आसनसोल के मेयर विधान उपाध्याय ने पूरी तरह से खारिज कर दिया। मेयर ने स्पष्ट करते हुए कहा:सबका सम्मान: निगम में सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी पार्षदों और नेताओं का पूरा सम्मान किया जाता है। भेदभाव के आरोप निराधार हैं।भ्रष्टाचार पर जवाब: भ्रष्टाचार के आरोपों पर बोलते हुए मेयर ने कहा कि यदि किसी को कोई शिकायत है, तो उसे उजागर करने के कई संवैधानिक उपाय उपलब्ध हैं। वह राजनीतिक बयानों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते










