खड़गपुर में दशहरे पर अव्यवस्था, जिले में बढ़ा रावण दहन का चलन
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पश्चिम मेदिनीपुर जिले में इस बार दशहरा और रावण दहन के आयोजनों की संख्या में खासा इजाफा देखने को मिला। कई स्थानों पर पहली बार रावण दहन का आयोजन किया गया। वहीं, खड़गपुर में 102 वर्ष पुरानी परंपरा के तहत ऐतिहासिक दशहरा उत्सव और रावण दहन समारोह आयोजित हुआ। हालांकि, बड़े जनसमूह के बीच आम तौर पर शांतिपूर्ण रहे आयोजन में विशिष्ट अतिथियों के लिए बनाए गए मंच के आसपास अव्यवस्था की स्थिति भी बनी।
खड़गपुर के दशहरा उत्सव में इस बार आयोजन समिति की कमान बदली हुई नजर आई। शहर के विधायक और मंत्री दिलीप घोष समिति के अध्यक्ष हैं और वे मुख्य अतिथि के रूप में भी समारोह में मौजूद रहे। पहली बार हजारों-लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। इसके बाद विशाल रावण के पुतले का दहन किया गया।
बुधवार शाम आयोजित कार्यक्रम में रावण दहन देखने के लिए शहर और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। आम दर्शकों की भीड़ में किसी बड़ी अव्यवस्था की सूचना नहीं मिली। कोलकाता के चोरबागान में दशहरे के दौरान हुई घटना को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए थे। आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई थी।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथियों के लिए बनाए गए मंच के आसपास स्थिति कुछ समय के लिए असहज हो गई। मंच से रावण दहन स्थल की ओर जाने वाले हिस्से में काफी भीड़ जमा हो गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों को भी वहां से हटाए जाने की शिकायत सामने आई।
आयोजकों के मुताबिक, इस बार आधिकारिक निमंत्रण पत्र की कथित तौर पर नकल कर कुछ लोगों ने अलग से निमंत्रण पत्र वितरित किए। इसके जरिए बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों के साथ कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि क्षेत्र तक पहुंच गए। बताया जाता है कि इनमें कई भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे। इसके बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
दशहरा उत्सव समिति के सचिव अभिषेक यादव ने कहा कि मंच के आसपास कुछ समय के लिए अपेक्षाकृत अधिक भीड़ हो गई थी, जिसे बाद में नियंत्रित कर लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि नकल किए गए निमंत्रण पत्र की जानकारी समिति को मिली है। भविष्य में निमंत्रण पत्र को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस अधीक्षक की गैरमौजूदगी चर्चा में
हर वर्ष खड़गपुर के दशहरा उत्सव में पश्चिम मेदिनीपुर के पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी रहती है। लेकिन इस बार पुलिस अधीक्षक पापिया सुल्ताना समारोह में नहीं पहुंचीं। उसी दिन वे खड़गपुर महकमे के बेलदा में आयोजित दशहरा उत्सव में पहली बार हुए रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुईं। वहां स्थानीय विधायक रमाप्रसाद गिरी भी मौजूद थे।
खड़गपुर में मंत्री दिलीप घोष अपनी पत्नी के साथ मंच पर मौजूद थे। उनके साथ सांसद जून मालिया भी थीं। ऐसे में पुलिस अधीक्षक की गैरमौजूदगी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई।










