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# आसनसोल भारती भवन की आदि दुर्गापूजा के 100 साल पूरे, शताब्दी वर्ष को भव्य बनाने की खास तैयारी

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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# आसनसोल भारती भवन की आदि दुर्गापूजा के 100 साल पूरे, शताब्दी वर्ष को भव्य बनाने की खास तैयारी

**आसनसोल:** आस्था, परंपरा और बंगाल की समृद्ध संस्कृति का प्रतीक दुर्गापूजा इस वर्ष आसनसोल के भारती भवन में एक ऐतिहासिक पड़ाव पर पहुंचने जा रही है। भारती भवन की आदि दुर्गापूजा अपने 100 गौरवशाली वर्ष पूरे कर रही है। इस खास अवसर को यादगार बनाने के लिए पूजा समिति की ओर से कई विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक और सम्मान समारोहों का आयोजन किया जा रहा है।

**100 वर्षों की परंपरा और आस्था रहेगी बरकरार**

समिति के सदस्यों के अनुसार, पिछले एक शताब्दी से चली आ रही धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का इस वर्ष भी पूरी श्रद्धा के साथ पालन किया जाएगा। सात दिनों तक चलने वाली पूजा पारंपरिक विधि-विधानों के अनुसार संपन्न होगी। समिति का कहना है कि इस ऐतिहासिक अवसर पर आधुनिकता के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को भी पूरी मजबूती से कायम रखा जाएगा।

**भव्य प्रभातफेरी से होगी शताब्दी समारोह की शुरुआत**

शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की शुरुआत रविवार सुबह 9 बजे भव्य प्रभातफेरी के साथ होगी। इसमें स्थानीय निवासी, बच्चे, स्कूली छात्र-छात्राएं, विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के सदस्य, एनसीसी कैडेट और बैंड पार्टी शामिल होंगे। इसके अलावा पुरुलिया की पारंपरिक सांस्कृतिक टीम और महिला दल भी अपनी प्रस्तुति के जरिए आयोजन की शोभा बढ़ाएंगे।

वहीं, रविवार शाम 5:30 बजे प्रतिभाओं के सम्मान और अभिनंदन का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें डीआईजी समेत अन्य विशिष्ट अतिथियों और क्लब के पदाधिकारियों के शामिल होने की बात कही गई है।

**सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रतियोगिताओं की रहेगी धूम**

शताब्दी वर्ष के दौरान पूजा के विभिन्न दिनों में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सप्तमी के अवसर पर पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें बच्चे और छात्र-छात्राएं अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। इसके साथ ही विशेष सांस्कृतिक समारोह भी आयोजित किए जाएंगे।

महिलाओं के लिए पारंपरिक वेशभूषा और साज-सज्जा से जुड़ी प्रतियोगिताएं भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इनमें सिंदूर खेला सहित अन्य पारंपरिक कार्यक्रम शामिल होंगे। आयोजकों का प्रयास है कि पूजा के इस ऐतिहासिक उत्सव में हर उम्र के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो।

**100 साल की विरासत, आस्था और संस्कृति का उत्सव**

भारती भवन की आदि दुर्गापूजा का शताब्दी वर्ष केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि 100 वर्षों की गौरवशाली परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है। समिति की कोशिश है कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को साथ लेकर इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाया जाए।

अब आसनसोल के लोगों को भारती भवन की इस ऐतिहासिक दुर्गापूजा के शताब्दी समारोह का इंतजार है, जहां परंपरा, भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

**आसनसोल दस्तक — स्थानीय खबरों के साथ।**

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