इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, भ्रष्टाचार और ‘वोट चोरी’ के खिलाफ बराकर में निकली हुंकार रैली
बराकर बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक निकला कांग्रेस का जुलूस, वर्तमान सरकार की नीतियों पर साधा निशाना
बराकर, कुल्टी। भारत की पूर्व प्रधानमंत्री एवं लौह महिला इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर शनिवार शाम चार बजे कांग्रेस की ओर से बराकर में एक रैली निकाली गई। बराकर बस स्टैंड से शुरू होकर रैली बराकर रेलवे स्टेशन तक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भ्रष्टाचार, कथित वोट चोरी और तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ आवाज बुलंद की।
रैली के माध्यम से कांग्रेस नेताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, सामाजिक न्याय और आम जनता के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने वर्तमान सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए पारदर्शिता, निष्पक्षता और जनता के विश्वास को बनाए रखना बेहद जरूरी है।
इंदिरा गांधी के संघर्ष को किया याद
इस अवसर पर वक्ताओं ने इंदिरा गांधी के राजनीतिक जीवन, साहस और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी का जीवन भारतीय राजनीति के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उनके योगदान को याद करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों, देश की एकता और अखंडता तथा सामाजिक सद्भाव की रक्षा का संकल्प लिया।
भ्रष्टाचार और वोट चोरी के मुद्दे पर सरकार को घेरा
रैली के दौरान कांग्रेस नेताओं ने भ्रष्टाचार, कथित वोट चोरी और तुष्टीकरण के मुद्दों को लेकर वर्तमान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता का मत लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और चुनावी प्रक्रिया में निष्पक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने और आम लोगों की आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
इन नेताओं और कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
रैली में अब्दुल सत्तार खान, बाबू बनर्जी, मोहम्मद साबिरुद्दीन खान, इम्तियाज खान, मोहम्मद मेराज, साजन, पुच्छू, विशाल, ज्योतिर्मय, बेचू, रैहान, गोरा और असीम सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बराकर की सड़कों पर निकली इस रैली के जरिए कांग्रेस ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम को जनहित के मुद्दों से जोड़ते हुए लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और नागरिक अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
संदेश साफ—श्रद्धांजलि भी, जनहित के सवालों पर संघर्ष भी।










