फेसबुक पर तेजी से उठ रही बड़ी मांग: उज्ज्वल चट्टोपाध्याय को आसनसोल का मेयर बनाने की पैरवी, टीएमसी खेमे में मची हलचल!
कुल्टी:आसनसोल नगर निगम (AMC) के अगले मेयर पद को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की सियासी सुगबुगाहट अब सोशल मीडिया पर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के वफादार और कद्दावर नेता उज्ज्वल चट्टोपाध्याय को मेयर बनाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। सोमवार को टीएमसी के दो बेहद वरिष्ठ नेताओं— सुब्रतो भादुड़ी और सुब्रतो घोष ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर इस मांग को हवा दे दी है। इसके बाद से ही पूरे कुल्टी और आसनसोल राजनीतिक हलके में चर्चाओं का बाजार गर्म है।वफादारी और संघर्ष का हवालावरिष्ठ नेताओं ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में उज्ज्वल चट्टोपाध्याय के लंबे राजनीतिक सफर और संकट के दिनों में पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा को मुख्य आधार बनाया है। नेताओं ने लिखा:”दल के अच्छे और बुरे, दोनों ही समय में उज्ज्वल चट्टोपाध्याय ने कभी ममता बनर्जी और टीएमसी का साथ नहीं छोड़ा। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा को देखते हुए यह बेहद जरूरी है कि उन्हें आसनसोल नगर निगम के मेयर पद की कमान सौंपी जाए।”कुल्टी में टीएमसी का ‘किला’ जीतने वाले योद्धाफेसबुक पोस्ट के जरिए नेताओं ने याद दिलाया कि साल 2003 में जब कुल्टी नगरपालिका पर तृणमूल कांग्रेस ने कब्जा जमाया था, तो उस ऐतिहासिक जीत के मुख्य सूत्रधार उज्ज्वल चट्टोपाध्याय ही थे। इतना ही नहीं, साल 2006 के विधानसभा चुनाव में जब पूरे पश्चिम बंगाल में वाममोर्चा की लहर थी और टीएमसी के महज 30 विधायक ही जीत पाए थे, उस बेहद कठिन दौर में भी उज्ज्वल चट्टोपाध्याय ने कुल्टी से जीत का परचम लहराया था। इसके बाद उन्होंने 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में भी लगातार जीत दर्ज कर अपनी लोकप्रियता साबित की।सोशल मीडिया पर वायरल हुई मांगयह कोई पहला मौका नहीं है जब उज्ज्वल चट्टोपाध्याय के पक्ष में आवाज उठी हो। इससे ठीक पहले, पूर्व कुल्टी यूथ ब्लॉक अध्यक्ष सुभाशीष मुखर्जी उर्फ बाबन ने भी फेसबुक के जरिए ठीक यही मांग बुलंद की थी। अब सुब्रतो भादुड़ी और सुब्रतो घोष जैसे दिग्गज नेताओं के मैदान में उतरने के बाद, टीएमसी के आम कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मांग को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल करना शुरू कर दिया है।फिलहाल, इस ‘फेसबुक पॉलिटिक्स’ और कार्यकर्ताओं के भारी दवाब के बाद अब हर किसी की नजरें तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।










