राहा लेन बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ सड़क पर उतरे सैकड़ों हॉकर, विधायक कृष्नेन्दु मुखर्जी ने आंदोलनकारियों को समझाकर कराया शांत
हॉकर कमेटी ने समय सीमा से पहले हुई कार्रवाई का किया विरोध, विधायक बोले— ‘मिस कम्युनिकेशन’ की वजह से हुई घटना, दुर्गापूजा तक सरकार के निर्देशानुसार होगी कार्रवाई
विधायक के फैसले पर हॉकरों ने जताया स्वागत फूलों का माला पहनाकर जताया सम्मान

आसनसोल, राहा लेन में शुक्रवार को हुए बुलडोजर एक्शन के विरोध में शनिवार को आसनसोल हॉकर कमेटी, पश्चिम बर्धमान के बैनर तले सैकड़ों हॉकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने समय सीमा से पहले की गई कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया तथा आसनसोल के सभी हॉकरों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बड़ी संख्या में हॉकरों की भीड़ जुटने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसनसोल साउथ थाना पुलिस और आसनसोल साउथ ट्रैफिक थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और हालात पर नजर रखी।
इसी बीच घटना की सूचना मिलते ही आसनसोल उत्तर विधानसभा के भाजपा विधायक कृष्नेन्दु मुखर्जी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे हॉकरों को शांत करने का प्रयास किया और उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील की। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा दुर्गापूजा तक हॉकरों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई नहीं करने की समय सीमा तय की गई है और उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।
कृष्नेन्दु मुखर्जी ने हॉकरों से आसनसोल को अतिक्रमण मुक्त और सुंदर बनाने के अभियान में सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि सभी को सरकारी नियमों और प्रशासनिक आदेशों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की भी अपील की। विधायक के फैसले हॉकारों ने स्वागत जनाया और उनको फूलमाला पहनाकर सम्मान भी जताया, इस बिच विधायक ने शुक्रवार की कार्रवाई में प्रभावित हॉकरों के नुकसान पर दुख जताते हुए कहा कि “थोड़ी सी मिस कम्युनिकेशन की वजह से यह घटना हुई। सरकार और जिला प्रशासन से बातचीत हो चुकी है। सरकार द्वारा जो समय सीमा निर्धारित की गई है, उसी के अनुसार आगे कार्रवाई होगी। बाकी मुद्दों पर भी बातचीत कर समाधान निकाला जाएगा।”
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल पूरे समय तैनात रहा। फिलहाल प्रशासन और हॉकर प्रतिनिधियों के बीच आगे बातचीत की संभावना जताई जा रही है।










