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शिक्षक जितेंद्र नोनिया की गिरफ्तारी पर भड़कीं स्थानीय महिलाएँ; कोर्ट परिसर में जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की माँग

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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शिक्षक जितेंद्र नोनिया की गिरफ्तारी पर भड़कीं स्थानीय महिलाएँ; कोर्ट परिसर में जोरदार प्रदर्शन, मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की माँग

कुल्टी:कुल्टी विधानसभा के वार्ड संख्या 58 अंतर्गत खड़माबाद प्री प्राइमरी स्कूल के प्रधान शिक्षक जितेंद्र नोनिया की पुलिस द्वारा गिरफ्तारी और कथित तौर पर बेरहमी से पिटाई किए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में स्थानीय महिलाओं ने एकजुट होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महिलाओं ने पहले आसनसोल दक्षिण पुलिस फाड़ी और बाद में आसनसोल जिला कोर्ट परिसर में जाकर जोरदार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया।घर में घुसकर बेरहमी से पीटने का आरोपगिरफ्तार प्रधान शिक्षक जितेंद्र नोनिया की पत्नी ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि रविवार की रात दक्षिण थाना की पुलिस उनके धेमोमैन स्थित नया क्वार्टर वाले घर पहुंची। पुलिस ने पूछताछ का हवाला देकर जितेंद्र को हिरासत में ले लिया। पत्नी का आरोप है कि इसके बाद सोमवार की रात पुलिस दोबारा उन्हें घर लेकर आई और सबके सामने सार्वजनिक रूप से शिक्षक की बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उन्हें फिर से थाने ले जाया गया। रात में ही जब परिजन थाने पहुंचे, तो पुलिस ने जितेंद्र को आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचाया और अगली सुबह आसनसोल जिला कोर्ट में पेश किया।राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का आरोप, मुख्यमंत्री से न्याय की गुहारशिक्षक की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही दो दर्जन से अधिक स्थानीय महिलाएँ एकजुट होकर आसनसोल दक्षिण फाड़ी पहुंचीं और विरोध प्रदर्शन किया। वहां से जब जानकारी मिली कि जितेंद्र को कोर्ट भेज दिया गया है, तो सभी महिलाएँ कोर्ट परिसर पहुंच गईं। कोर्ट हाजत के बाहर महिलाओं ने जितेंद्र नोनिया को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए पुलिस पर संगीन आरोप लगाए।प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि पुलिस किसी रसूखदार राजनीतिक नेता के दबाव में आकर अत्याचार कर रही है। एक शिक्षक का समाज में काम सिर्फ शिक्षा देना है, राजनीति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे केस में फंसाया जा रहा है। आंदोलनरत महिलाओं ने राज्य की मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत संज्ञान लेने और हस्तक्षेप करने की माँग की है, ताकि किसी बेगुनाह को राजनीतिक इशारे पर प्रताड़ित होने से बचाया जा सके।

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