भाजपा सरकार में पहली दुर्गापूजा को लेकर रघुनाथपुर में उत्साह चरम पर, भव्य पंडालों से सजेगा उत्सव
अनिता सिंह का दावा—बिना किसी डर और झिझक के मनाया जाएगा बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार, पूजा कमिटियों की तैयारियां जोरों पर
नितुरिया। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद पहली दुर्गापूजा को लेकर पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है। मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियां जोर पकड़ चुकी हैं। कहीं भव्य पंडालों का निर्माण हो रहा है, तो कहीं आकर्षक सजावट और रोशनी से पूजा को यादगार बनाने की तैयारी चल रही है। इस बार दुर्गोत्सव को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
पुरुलिया जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष अनिता सिंह ने कहा कि नई सरकार के कार्यकाल में इस बार दुर्गापूजा पूरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान और आस्था के इस सबसे बड़े उत्सव को लेकर लोगों में नई ऊर्जा और उमंग दिखाई दे रही है।
उन्होंने बताया कि आगामी 16 तारीख, षष्ठी से दुर्गापूजा का शुभारंभ होगा। इसे लेकर रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न पूजा समितियां दिन-रात तैयारियों में जुटी हैं। पूजा पंडालों को भव्य और आकर्षक रूप देने के लिए काम तेजी से चल रहा है, ताकि श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन के साथ उत्सव की भव्यता का भी आनंद उठा सकें।
अनिता सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से पूजा समितियों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे आयोजन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने सरकार की कार्यशैली और जनकल्याणकारी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि दुर्गापूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस बार की दुर्गापूजा आस्था, उल्लास और नई उम्मीदों का संदेश लेकर आएगी। उनके अनुसार, मां दुर्गा का आगमन लोगों के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए, यही सभी की कामना है।
अंत में अनिता सिंह ने रघुनाथपुर सहित पूरे क्षेत्र के लोगों से शांति, सौहार्द, एकता और भाईचारे के साथ दुर्गोत्सव मनाने की अपील की। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि सभी के जीवन में खुशहाली आए और हर घर में सुख-समृद्धि का वास हो।
रघुनाथपुर में अब निगाहें दुर्गापूजा की भव्यता पर टिकी हैं। पंडालों की रौनक, रोशनी की चमक और मां दुर्गा के स्वागत की तैयारियों के बीच इस बार का दुर्गोत्सव धार्मिक उत्साह के साथ-साथ राज्य की नई राजनीतिक परिस्थितियों के कारण भी चर्चा में है।










