चुनाव में तृणमूल का समर्थक, अब भाजपा शासन में नया दांव? बालू कारोबार को लेकर परिमल पर गंभीर सवाल
सूर्यनगर से दामोदर और अजय नदी तक फैले कथित कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज, राजनीतिक संरक्षण और पर्दे के पीछे से संचालन के आरोप
आसनसोल, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान कथित रूप से अवैध बालू कारोबार से जुड़े एक कारोबारी परिमल को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और कारोबारी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न सूत्रों का दावा है कि चुनाव के दौरान उसने आसनसोल क्षेत्र के एक प्रभावशाली तृणमूल नेता के संरक्षण में रहकर सूर्यनगर स्थित दामोदर नदी क्षेत्र से अवैध बालू खनन और तस्करी के जरिए बड़ी रकम जुटाई थी, जिसका उपयोग कथित रूप से राजनीतिक गतिविधियों में किया गया।

सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में परिमल का नाम जामुड़िया थाना क्षेत्र के चुरुलिया स्थित अजय नदी के एक वैध बालू घाट से जोड़ा जा रहा है। चर्चा है कि वह घाट संचालक गणेश नंदी के साथ व्यावसायिक रूप से जुड़ा हुआ है। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह भी कहा जा रहा है कि चुनाव के दौरान जिन राजनीतिक दलों और नेताओं के खिलाफ वह सक्रिय था, सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हीं के साथ निकटता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।
जानकारों का कहना है कि परिमल ने कथित तौर पर सूर्यनगर क्षेत्र में पुनः बालू कारोबार शुरू करने के लिए कुछ भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधने की कोशिश की थी। हालांकि, इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं कुछ सूत्रों का यह भी आरोप है कि अवैध बालू कारोबार से अर्जित धन का उपयोग रिश्तेदारों और करीबी लोगों के नाम पर संपत्तियां खड़ी करने में किया गया।
इसके अलावा, चर्चा यह भी है कि हीरापुर थाना क्षेत्र के दामोदर नदी के तटवर्ती इलाकों, विशेषकर ततूलतल्ला क्षेत्र में बालू कारोबार को लेकर नई गतिविधियों की तैयारी चल रही है। सूत्रों का दावा है कि इस संभावित कारोबार में परिमल पर्दे के पीछे रहकर भूमिका निभा सकता है, हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक दस्तावेज या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो संबंधित एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। वहीं दूसरी ओर, परिमल या उससे जुड़े पक्षों की ओर से इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










