बराकर मद्रासी पारा: शिव शक्ति धाम में 24 घंटे अखण्ड हरिनाम संकीर्तन के आयोजन की रूपरेखा पर समिति की अहम बैठक
बराकर : बराकर मद्रासी पारा नदीतट स्थित प्रख्यात शिव शक्ति धाम में सावन के अंतिम पूर्णिमा पर आयोजित होने वाले 24 घंटे के अखण्ड हरिनाम संकीर्तन को भव्य एवं भक्तिमय ढंग से संपन्न कराने को लेकर गुरुवार की रात्रि मंदिर परिसर में शिव शक्ति समिति की ओर से एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष जमुना गुप्ता, सचिव अमरजीत गुप्ता, कोषाध्यक्ष महेश तिवारी के साथ ही पिंटू प्रियदर्शी, मोती यादव, रोहित पंडित, आजाद, गौतम पंडित, विजय तांती, लाला प्रजापति और चंद्रशेखर समेत कई प्रमुख सदस्य मौजूद थे।
सचिव अमरजीत गुप्ता ने बताया कि हाल ही में मंदिर का नया प्राण प्रतिष्ठा कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ है और प्रतिष्ठा के पश्चात इस वर्ष होने वाला अखण्ड कीर्तन विशेष भक्तिभाव व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कीर्तन का आयोजन 24 अगस्त 2026 से 25 अगस्त 2026 तक लगातार 24 घंटे के लिए निर्धारित किया गया है। समिति ने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित करने के लिये व्यवस्थापकीय पहलुओं पर चर्चा की — कीर्तन संचालन, भजन-कीर्तन के प्रमुख वक्ताओं व गायकों का चयन, प्रसाद वितरण, सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन, ध्वनि व प्रकाश व्यवस्था तथा स्वास्थ्य व स्वच्छता की संविधियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कीर्तन समापन के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं के लिये विशेष प्रसाद व नर-नारायण सेवा का आयोजन किया जाएगा, तथा दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिये आश्रय व आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएंगी। कोषाध्यक्ष महेश तिवारी ने बताया कि आयोजन हेतु आवश्यक धनराशि के प्रबन्ध शुरू कर दिए गए हैं और स्थानीय दानदाताओं तथा समाजसेवियों से सहयोग की अपील की जाएगी।
समिति ने नगर व पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया ताकि यातायात व सुरक्षा व्यवस्था दण्डात्मक व सुचारु रहे। इसके अतिरिक्त पर्यावरण व नदी तट की सफाई को सुनिश्चित करने के लिये विशेष टीम गठित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
मंदिर प्रबंधन ने स्थानीय जनता तथा श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आगामी कीर्तन कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर सहभागिता करें और आयोजन को शांतिपूर्ण तथा भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न कराने में सहयोग दें। आयोजन संबंधी अधिक जानकारी व सहभागिता हेतु समिति के कार्यालय व मंदिर परिसर में संपर्क करवाने के निर्देश दिए गए हैं।










