भारी बारिश के बीच मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने किया श्रावणी मेला तैयारियों का निरीक्षण, मजदूरों को बताया ‘विकास के योद्धा’
कुल्टी/कोलकाता:पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने भारी बारिश के बीच श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने खराब मौसम की परवाह किए बिना धरातल पर चल रहे कार्यों का जायजा लिया और मुस्तैदी से जुटे मजदूरों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें ‘विकास के योद्धा’ करार दिया।मेला मैदान और मुख्य मार्गों का व्यक्तिगत मुआयनामंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के आला अधिकारियों के साथ बैद्यपुर मेला मैदान और बैद्यबाती-तारकेश्वर मार्ग पर चल रहे विकास कार्यों का व्यक्तिगत रूप से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी जरूरी काम विश्वस्तरीय मानकों के साथ पूरे करने के निर्देश दिए।श्रद्धालुओं के लिए टेंट और सेवा केंद्रों की व्यवस्थानिरीक्षण के दौरान मंत्री ने बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से आकलन किया:बैद्यपुर मेला मैदान: पांच अस्थायी टेंट स्थापित किए गए हैं। इनमें इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम, मेडिकल कैंप, सांस्कृतिक केंद्र, पुरुष सेवा शिविर और महिला सेवा शिविर शामिल हैं। परिसर में शौचालय और स्वच्छ पेयजल की पुख्ता व्यवस्था है।बैद्यबाती–तारकेश्वर मार्ग: कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 12 सेवा केंद्र और चार अतिरिक्त शिविर बनाए गए हैं। इसके साथ ही रात्रि विश्राम के लिए बिस्तरों की समुचित व्यवस्था की गई है।42 किमी मार्ग पर व्यापक बुनियादी ढांचाPHED के अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 42 किलोमीटर लंबे मार्ग पर व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं:1,700 अस्थायी शौचालय मार्ग पर स्थापित किए जा रहे हैं।145 पेयजल केंद्र शुद्ध पानी की आपूर्ति के लिए चालू किए गए हैं।मंत्री डॉ. पोद्दार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मेला अवधि के दौरान स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं की सतत व चौबीस घंटे निगरानी की जाए।कर्तव्यनिष्ठ श्रमिक का सम्मानभारी बारिश और कठिन परिस्थितियों में भी काम में जुटे मजदूरों के हौसले को देखकर मंत्री भावुक हो उठे। उन्होंने मौके पर ही एक श्रमिक को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विपरीत मौसम में भी जनता की सेवा के लिए डटे ये मजदूर वास्तविक रूप से ‘विकास के योद्धा’ हैं और पूरा राज्य उनके इस योगदान को नमन करता है।










