स्कूल में पुलिस का ट्रैफ़िक जागरूकता अभियान: ‘नन्हे दूत’ बदलेंगे बड़ों की लापरवाही की आदत
बराकर: पश्चिम बंगाल सरकार के ‘सेफ ड्राइव सेव लाइफ’ मिशन के तहत आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के ट्रैफ़िक विभाग द्वारा जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को बराकर सब-ट्रैफ़िक गार्ड की ओर से बराकर आदर्श विद्यालय में एक विशेष ट्रैफ़िक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें स्कूली बच्चों को सड़क सुरक्षा के कड़े नियम सिखाने के साथ-साथ समाज को जागरूक करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे बराकर सब-ट्रैफ़िक गार्ड के ओसी (OC) बिनय लायक और एएसआई (ASI) इनामूल हक ने अपनी टीम के साथ छात्रों को संबोधित किया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को समझाया कि सड़क पर होने वाली एक छोटी सी लापरवाही या जल्दबाजी पूरे परिवार को जीवनभर का दर्द दे सकती है। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनने और गाड़ी के वैध कागजात साथ रखने की अनिवार्यता पर जोर दिया।बिना हेलमेट वालों को टोकेंगे बच्चेपुलिस अधिकारियों ने छात्रों को ‘सड़क सुरक्षा दूत’ बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे अपने माता-पिता, रिश्तेदारों या पड़ोसियों को बिना हेलमेट वाहन चलाते देखें, तो उन्हें तुरंत रोकें। बच्चों का यह पूछना कि “आपने हेलमेट क्यों नहीं पहना?” बड़ों को अपनी गलती का अहसास कराएगा और वे नियमों का पालन करने के लिए मजबूर होंगे।क्विज प्रतियोगिता का हुआ आयोजनस्कूली छात्रों के लिए इस अभियान को रोचक बनाने के लिए एक ट्रैफ़िक प्रश्न-उत्तर (क्विज) प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। खेल-खेल में बच्चों को ट्रैफ़िक सिग्नलों और सड़क के नियमों की जानकारी दी गई। सही उत्तर देने वाले उत्साही छात्रों को पुलिस टीम द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। इस अनूठी पहल के लिए स्कूल प्रबंधन ने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।










