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विश्व आदिवासी दिवस पर बाउरी समाज ने वीर शहीदों की याद में किया वृक्षारोपण, “जोहार-जय भीम” के नारों से गूंजा

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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विश्व आदिवासी दिवस पर बाउरी समाज ने वीर शहीदों की याद में किया वृक्षारोपण, “जोहार-जय भीम” के नारों से गूंजा

बानडांगा स्कूल परिसर में बरगद, अशोक, नीम और कदंब के पौधे रोपकर पर्यावरण और समाज को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

कुल्टी: विश्व आदिवासी दिवस के पावन अवसर पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को अखिल भारतीय समस्त बाउरी समाज संगठन की कुल्टी ब्लॉक कमेटी द्वारा एक अनूठी और सराहनीय पहल की गई। समाज के वीर योद्धाओं, महान विभूतियों और निस्वार्थ समाजसेवियों की पावन स्मृति में सघन वृक्षारोपण कर इस ऐतिहासिक दिन को पूरे सम्मान और गौरव के साथ मनाया गया।यह गरिमामयी कार्यक्रम एसी हाई स्कूल, बानडांगा (डिसेरगढ़) में सुबह ठीक 10 बजे आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल परिसर की भूमि पर बरगद, अशोक, नीम और कदंब जैसी औषधीय व छायादार प्रजातियों के पौधे रोपे गए। कार्यक्रम के आयोजकों ने अपने संबोधन में कहा कि इन पौधों को रोपने का उद्देश्य न केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना है, बल्कि आने वाली भावी पीढ़ियों को अपने समाज के गौरवशाली इतिहास, बलिदान और संस्कृति की याद दिलाना भी है।इस विशेष अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) श्री राजीव लायक मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ ही पश्चिम बंगाल राज्य अध्यक्ष श्री गणेश बाउरी, काजल, श्यामापद, परिमल, विक्रम, राजेश, संजय, राकेश, पिंटू, नारायण, विनोद बाउरी सहित कमेटी के तमाम सक्रिय पदाधिकारी और सम्मानित सदस्य मौजूद थे।कार्यक्रम के दौरान पूरा स्कूल परिसर “जय भीम, जय भारत”, “जोहार” और “आदिवासी बाउरी समाज जिंदाबाद” के गगनभेदी व जोशीले नारों से गूंज उठा। मंच से वक्ताओं ने पुरजोर शब्दों में कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति का सच्चा रक्षक और हितैषी रहा है, इसलिए पेड़ लगाकर अपने पूर्वजों को याद करना ही उन्हें दी जाने वाली सबसे सच्ची और वास्तविक श्रद्धांजलि है।बाउरी समाज के शीर्ष नेताओं ने इस मौके पर यह संकल्प भी लिया कि समाज में निरंतर जागरूकता, चेतना और अटूट एकता बनाए रखने के लिए हर साल विश्व आदिवासी दिवस को इसी तरह के रचनात्मक, सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों के साथ बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा।