OBC की गिनती नहीं तो हिस्सेदारी कैसी? पश्चिम बर्दवान में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, जनगणना में अलग OBC कॉलम की मांग
कुल्टी।“जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी” के नारे के साथ पश्चिम बर्दवान में OBC कांग्रेस ने जनगणना में OBC की अलग से गिनती की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया। राहुल गांधी के आह्वान पर चल रहे देशव्यापी अभियान के तहत OBC कांग्रेस के जिला नेतृत्व ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और ADM (Development) के माध्यम से राज्यपाल एवं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम स्मारकलिपि सौंपकर जनगणना फॉर्म में OBC का अलग कॉलम जोड़ने की मांग की।
OBC कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में OBC आबादी करीब 60 प्रतिशत है, जबकि वोटरों में भी उनकी हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक बताई जाती है। इसके बावजूद जनगणना में OBC की वास्तविक संख्या दर्ज करने के लिए अलग कॉलम नहीं होना पिछड़े वर्गों के अधिकार और हिस्सेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
नेताओं ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2026 में होने वाली जनगणना में General, SC और ST के लिए कॉलम की व्यवस्था है, लेकिन OBC के लिए अलग कॉलम नहीं है। उनका आरोप है कि OBC की आबादी का सही आंकड़ा सामने नहीं आने से सरकार की योजनाओं और नीतियों में पिछड़े वर्ग की वास्तविक हिस्सेदारी तय करना मुश्किल होगा।
OBC कांग्रेस नेताओं ने कहा, “जब OBC की सही संख्या ही सामने नहीं आएगी, तो उनके लिए सरकारी योजनाएं, रोजगार, शिक्षा और विकास की नीतियां किस आधार पर तैयार होंगी? संख्या के आधार पर अधिकार और भागीदारी की बात हो रही है, तो जनगणना में OBC की गिनती अनिवार्य होनी चाहिए।”
कार्यक्रम प्रदेश OBC कांग्रेस अध्यक्ष माया दी और नेशनल मिशन मैन डॉ. अनिल जय हिंद के निर्देश पर आयोजित किया गया। इस दौरान OBC कांग्रेस के जिला पदाधिकारी, वकील समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की—
“जनगणना तालिका में OBC कॉलम लाना होगा।”
“जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी।”
OBC कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी कि अगर जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम की मांग को नजरअंदाज किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय और आबादी के अनुपात में अधिकार की मांग को लेकर उनका संघर्ष शांतिपूर्ण तरीके से लगातार जारी रहेगा।










