भाजपा कार्यालय में गूंजा राष्ट्रवाद का शंखनाद, नवनियुक्त सरकारी लोक अभियोजक विनोद सिंह सोलंकी का हुआ ऐतिहासिक नागरिक अभिनंदन!
कुल्टी:भारतीय जनता पार्टी कुल्टी मंडल के थाना मोड़ स्थित मुख्य कार्यालय में आज उस समय एक नया इतिहास रचा गया, जब नवनियुक्त सरकारी लोक अभियोजक (Public Prosecutor) और वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद सिंह सोलंकी के सम्मान में पूरा परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों से गुंजायमान हो उठा। पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय गणमान्य लोगों ने फूल-मालाओं और अंगवस्त्र के साथ उनका एक महानायक की तरह भव्य स्वागत किया।प्रतिभा और निष्ठा का हुआ सबसे बड़ा सम्मान!इस गौरवमयी क्षण पर हुंकार भरते हुए प्रखर भाजपा नेता डॉ. परेश कुमार शर्मा ने कहा, “आदरणीय विनोद सिंह सोलंकी जी सिर्फ एक वरिष्ठ अधिवक्ता नहीं, बल्कि हमारे संघर्षों के सबसे पुराने और विश्वसनीय साथी हैं। हमने ज़मीनी स्तर पर साथ मिलकर राजनीति की है और जनता की आवाज़ बुलंद की है। यह पूरे कुल्टी और हमारे संगठन के लिए परम गौरव का विषय है कि सरकार ने एक अत्यंत ईमानदार, तपे-तपाए, अनुभवी और जुझारू कानूनविद को इस शीर्ष व महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए चुना है।”न्याय व्यवस्था में नए युग की शुरुआत, कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व उत्साह!डॉ. शर्मा ने विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए आगे कहा, “भाजपा सरकार की यही सबसे बड़ी खासियत है कि यहाँ चाटुकारिता को नहीं, बल्कि विशुद्ध प्रतिभा, समर्पण और निष्ठा को सर्वोच्च सम्मान मिलता है। विनोद जी के सरकारी पीपी बनने से कुल्टी और आसपास के क्षेत्रों की न्याय व्यवस्था में एक नए और पारदर्शी युग की शुरुआत होगी। अब अपराधियों में खौफ होगा और हर शोषित-वंचित आम नागरिक को त्वरित व निष्पक्ष न्याय मिलेगा। उनके इस मनोनयन से आज हर एक देवतुल्य कार्यकर्ता का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है और संगठन में एक अभूतपूर्व ऊर्जा का संचार हुआ है।”दिग्गजों की उपस्थिति से ऐतिहासिक बना समारोह!इस अति-महत्वपूर्ण और गरिमापूर्ण अभिनंदन समारोह में डॉ. परेश कुमार शर्मा के साथ ही भाजपा के कद्दावर नेता मंटू बर्मन, धनु पाल, रूपेश बडवाकर, हीरो समेत सैकड़ों की संख्या में वरिष्ठ पदाधिकारी, ऊर्जावान कार्यकर्ता और अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में विनोद सिंह सोलंकी को इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और उनके स्वर्णिम व न्यायप्रिय कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।










