फसल बचाने को खेतों में बिछा रहे करंट का जाल, वन विभाग ने दी कड़ी चेतावनी
पुरुलिया : जंगल और पहाड़ी इलाकों से सटे गांवों में जंगली हाथियों व सूअरों से फसल बचाने के लिए खेतों के चारों ओर बिजली के तार लगाने का खतरनाक सिलसिला सामने आया है। फसल बचाने के लिए बिछाया जा रहा यह ‘करंट का जाल’ वन्यजीवों के साथ ग्रामीणों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आड़षा वन विभाग ने जंगल से सटे गांवों में विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। विभाग की ओर से रामुडी, बोंडी समेत आसपास के गांवों में वाहनों से माइकिंग कर ग्रामीणों को खेतों के आसपास बिजली का करंट प्रवाहित करने वाले तार नहीं लगाने की चेतावनी दी जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि खेतों के आसपास किए गए अवैध बिजली कनेक्शन और करंट वाली बाड़ को तत्काल हटाना होगा। निर्देश की अनदेखी करने वालों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून और विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फसल नुकसान का मुआवजा भी मिलेगा
वन विभाग के अधिकारी के अनुसार, जंगली जानवरों से फसल को होने वाले नुकसान को लेकर विभाग गंभीर है। नियमानुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की व्यवस्था है। लेकिन फसल बचाने के लिए करंट लगाकर वन्यजीवों की जान लेना कानूनन अपराध है।
अधिकारी ने बताया कि खुले बिजली के तारों से रात में किसान, खेतिहर मजदूर, बच्चे और राहगीर भी हादसे का शिकार हो सकते हैं। विभाग ने ग्रामीणों से ऐसे सभी तार तत्काल हटाने और वन्यजीवों को रोकने के लिए सुरक्षित उपाय अपनाने की अपील की है।










