बराकर की ऐतिहासिक मां रक्षा काली पूजा में शामिल हुए मंत्री डॉ. अजय पोद्दार, युवाओं की परंपरा को सराहा
बराकर: पूरे कुल्टी क्षेत्र में भादो मास की अमावस्या के पावन अवसर पर मां रक्षा काली की पूजा का आयोजन बेहद हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में संपन्न हुआ। पूरे बराकर में यह विशेष पूजा दो प्रमुख स्थानों—हलवाई पट्टी और बैगुनिया मोड़ चौराहा पर पूरी निष्ठा के साथ की जाती है।
अद्भुत है बरसों पुरानी परंपरा
इस पूजा की सबसे खास और ऐतिहासिक परंपरा यह है कि संध्या काल में मां रक्षा काली की दिव्य प्रतिमा को दरबार में लाया जाता है। इसके बाद पूरी रात विधि-विधान से पूजा-अर्चना चलती है और रात में ही प्रतिमा का विसर्जन भी कर दिया जाता है। बरसों से चली आ रही इस अनूठी परंपरा को देखने और मां का आशीर्वाद लेने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार ने टेका माथा
बराकर हलवाई पट्टी स्थित मां रक्षा काली मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए स्थानीय विधायक सह राज्य के PWD एवं PHE मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार विशेष रूप से पहुंचे। उन्होंने मां रक्षा काली के दरबार में माथा टेककर क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।
दिवंगत दिग्गजों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
इस भावुक और भक्तिमय अवसर पर मंदिर के दो ऐसे वरिष्ठ स्तंभों को याद किया गया, जिनका हाल ही में आकस्मिक निधन हो गया है। मंदिर के संरक्षक व संचालक रहे पूर्व पार्षद सह चेयरमैन स्वर्गीय मधुर कांत शर्मा और मंदिर के प्रतिष्ठित सदस्य स्वर्गीय प्रहलाद शर्मा की सुपुत्री स्वर्गीय भगवती शर्मा की स्मृति में उपस्थित सभी लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सम्मान और अपनेपन का दिखा अनूठा संगम
श्रद्धांजलि सभा के बाद मंदिर कमेटी के ऊर्जावान युवाओं ने मंच पर मंत्री डॉ. अजय पोद्दार को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, अपनी सादगी और जनता के प्रति प्रेम के लिए जाने जाने वाले मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने भी अपनी ओर से स्थानीय बुजुर्गों और युवाओं को अंगवस्त्र देकर उनका नागरिक अभिनंदन किया।
“युवाओं ने जिंदा रखी है बुजुर्गों की विरासत” — मंत्री अजय पोद्दार
इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. अजय पोद्दार ने कहा—
“मां रक्षा काली की यह पूजा हम सब बचपन से देखते आ रहे हैं। जो धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा हमारे बुजुर्गों ने शुरू की थी, आज इस मोहल्ले के नौजवान उस विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। युवाओं का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है, जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि इस मंदिर और आयोजन के लिए जब भी, जिस चीज की भी आवश्यकता होगी, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा।”
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हलवाई पट्टी के स्थानीय युवाओं, गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं का सराहनीय योगदान रहा।










