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निमचा कोलियरी में भ्रष्टाचार और अवैध प्लेसमेंट के आरोप, मजदूर यूनियन ने जांच की मांग की

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ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

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निमचा कोलियरी में भ्रष्टाचार और अवैध प्लेसमेंट के आरोप, मजदूर यूनियन ने जांच की मांग की

पूर्व प्रबंधक पर ₹1.50 से ₹2 लाख तक लेने का आरोप, 12 लोगों की सूची तैयार होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का दावा

आसनसोल, ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के निमचा (R) कोलियरी में भ्रष्टाचार, कथित अवैध प्लेसमेंट और बदली ड्यूटी को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। कॉलियरी रिपब्लिकन मजदूर सभा के सचिव इंद्रदेव मुंडी ने निमचा कोलियरी के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
यूनियन की ओर से 31 अगस्त 2026 को जारी पत्र में आरोप लगाया गया है कि पूर्व प्रबंधक द्वारा कुछ लोगों से कथित तौर पर ₹1.50 लाख से ₹2 लाख तक की राशि ली गई थी। आरोप के मुताबिक, इसके बदले कुछ कर्मचारियों को महत्वपूर्ण स्थानों से हटाकर अन्य जगहों पर तैनात किया गया।

12 लोगों की सूची तैयार होने का दावा

पत्र में कहा गया है कि तत्कालीन निमचा प्रबंधक ने मामले की जानकारी मिलने के बाद कथित तौर पर 12 लोगों की सूची तैयार की थी। यूनियन का दावा है कि वर्तमान प्रबंधक के पास भी यह सूची पहुंच चुकी है, लेकिन अभी तक मामले में आगे की कार्रवाई नहीं हुई है।
यूनियन ने आरोप लगाया कि यदि इस तरह के मामलों पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इसका असर कोलियरी की सुरक्षा व्यवस्था और उत्पादन पर पड़ सकता है।

बदली ड्यूटी के नाम पर ₹500 वसूली का आरोप

शिकायत में कर्मचारियों की बदली ड्यूटी (Badli Duty) को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यूनियन का कहना है कि कुछ कर्मचारियों को उनकी इच्छा के विरुद्ध बदली ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उनसे कथित तौर पर ₹500 की राशि वसूली जा रही है।
आरोप यह भी है कि शारीरिक रूप से बदली ड्यूटी के लिए सक्षम नहीं होने वाले कर्मचारियों को भी ड्यूटी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि शारीरिक रूप से सक्षम कर्मचारियों को बदली ड्यूटी से रोके जाने की शिकायत है।
यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसी व्यवस्था जारी रही तो भविष्य में किसी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो सकता है।

समय पर ड्यूटी नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों का भी मुद्दा

पत्र में कुछ कर्मचारियों के समय पर ड्यूटी पर नहीं पहुंचने का मुद्दा भी उठाया गया है। यूनियन के अनुसार, कर्मचारियों की कथित अनियमितता से कोलियरी में सुरक्षा, अनुशासन और उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
यूनियन ने प्रबंधन से मांग की है कि रोस्टर और निर्धारित समय के अनुसार सभी कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

कॉलियरी रिपब्लिकन मजदूर सभा ने प्रबंधन से पूरे मामले की उचित और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
साथ ही यूनियन ने यह भी मांग की है कि केवल शारीरिक रूप से सक्षम और इच्छुक कर्मचारियों को ही बदली ड्यूटी में लगाया जाए और कोलियरी में ड्यूटी, अनुशासन तथा समयपालन की व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।
हालांकि, पत्र में लगाए गए आरोपों पर ECL प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यूनियन की शिकायत ने निमचा कोलियरी की कार्यप्रणाली और मजदूरों की ड्यूटी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।