प्रेस विज्ञप्ति – 7 अक्तूबर 2026
*आईआईटी खड़गपुर में युवा संगम चरण VII के अंतर्गत उत्तराखंड के युवा प्रतिनिधिमंडल का स्वागत: हिमालय से बंगाल की खाड़ी तक एक अनुपम यात्रा*
खड़गपुर, 07 अक्टूबर 2026: युवा संगम चरण VII के लिए पश्चिम बंगाल के नोडल उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर ने 7 अक्तूबर 2026 को उत्तराखंड के लगभग 50 महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल के साथ हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (एचएनबीजीयू), श्रीनगर के पांच संकाय सदस्य भी उपस्थित हैं।
यह आगमन 7 से 13 अक्तूबर 2026 तक पश्चिम बंगाल में आयोजित होने वाली एक सप्ताह की बहुआयामी यात्रा का शुभारंभ है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच सांस्कृतिक समझ, ज्ञान के आदान-प्रदान तथा आपसी संपर्क को सुदृढ़ करना है।
युवा संगम के पांच प्रमुख आयामों — परंपरा, प्रौद्योगिकी, प्रगति, परस्पर संपर्क और पर्यटन — पर आधारित इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखंड के युवा प्रतिनिधियों को पश्चिम बंगाल की तकनीकी उपलब्धियों, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारिस्थितिक विविधता, आध्यात्मिक परंपराओं, औद्योगिक प्रगति तथा स्थानीय समुदायों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने अपनी यात्रा की शुरुआत आईआईटी खड़गपुर के ऐतिहासिक परिसर से की। स्वागत के पश्चात विद्यार्थियों को संस्थान के शैक्षणिक एवं अनुसंधान परिवेश से परिचित कराया जाएगा। अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के भ्रमण के माध्यम से उन्हें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विविध क्षेत्रों में संस्थान में किए जा रहे अग्रणी अनुसंधान एवं नवाचार को निकट से देखने का अवसर मिलेगा। उद्घाटन कार्यक्रम में रवीन्द्र संगीत, बंगाल के पारंपरिक नृत्य, छऊ नृत्य तथा बाउल संगीत के माध्यम से प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।
8 अक्तूबर को प्रतिनिधिमंडल लोक भवन का भ्रमण करेगा तथा पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल से संवाद का अवसर प्राप्त करेगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ नोडल अधिकारी डॉ. गायत्री मुखर्जी, सह-नोडल अधिकारी डॉ. राजलक्ष्मी गुहा तथा आईआईटी खड़गपुर के अधिकारी श्री सुधीर कुमार, श्री सांबा कर, सुश्री संगीता मंडल और श्री ईशान अहमद उपस्थित रहेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल कोलकाता के प्रमुख स्थलों का भ्रमण करते हुए सुंदरबन के लिए प्रस्थान करेगा।
9 अक्तूबर की सुबह प्रतिनिधिमंडल सुंदरबन के जलमार्गों और मैंग्रोव वनों में नौका सफारी के माध्यम से इस अद्वितीय पारिस्थितिकी तंत्र तथा जैव विविधता को निकट से अनुभव करेगा। हिमालयी क्षेत्र से आए विद्यार्थियों के लिए यह भारत की भौगोलिक एवं प्राकृतिक विविधता को समझने का एक विशिष्ट अवसर होगा।
10 अक्तूबर का कार्यक्रम आध्यात्मिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक प्रगति को एक साथ प्रस्तुत करेगा। प्रतिनिधिमंडल बेलूर मठ, रामकृष्ण मठ एवं रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय का भ्रमण करेगा, जो स्वामी विवेकानंद और श्री रामकृष्ण परमहंस की आध्यात्मिक एवं दार्शनिक विरासत से निकटता से जुड़ा हुआ है। इसके बाद एक औद्योगिक पार्क का भ्रमण विद्यार्थियों को पश्चिम बंगाल के औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति की जानकारी प्रदान करेगा।
11 अक्तूबर को प्रतिनिधिमंडल ऐतिहासिक नगर विष्णुपुर का भ्रमण करेगा, जो अपने भव्य टेराकोटा मंदिरों, विशिष्ट स्थापत्य कला तथा पारंपरिक बालूचरी रेशम के लिए प्रसिद्ध है। शाम को प्रतिनिधिमंडल आईआईटी खड़गपुर लौटेगा, जहां विद्यार्थियों को आईआईटी खड़गपुर के निदेशक के साथ संवाद का अवसर मिलेगा। इसके पश्चात एक विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।
12 अक्तूबर को प्रतिनिधिमंडल एक निकटवर्ती जनजातीय गांव का भ्रमण करेगा। यहां विद्यार्थी स्थानीय समुदाय की जीवनशैली, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रथाओं को निकट से समझ सकेंगे। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल दीघा–ताजपुर के समुद्र तटीय क्षेत्र की ओर प्रस्थान करेगा। उत्तराखंड के हिमालयी परिवेश से पश्चिम बंगाल के विविध सांस्कृतिक और प्राकृतिक क्षेत्रों से गुजरते हुए बंगाल की खाड़ी तक की यह यात्रा भारत की असाधारण भौगोलिक विविधता का जीवंत अनुभव प्रस्तुत करेगी। समुद्र तट पर योग सत्र और स्थानीय समुदायों के साथ संवाद भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
13 अक्तूबर को आईआईटी खड़गपुर में आयोजित समापन सत्र के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन होगा। यह सत्र प्रतिनिधियों और मेजबानों को सप्ताह भर के अनुभवों, सीख और स्थापित हुए मैत्री संबंधों को साझा करने का अवसर प्रदान करेगा। इसके बाद उत्तराखंड का प्रतिनिधिमंडल अपनी वापसी यात्रा आरंभ करेगा।
आईआईटी खड़गपुर में आयोजित युवा संगम चरण VII केवल दो राज्यों के बीच की यात्रा नहीं, बल्कि भारत की विविध संस्कृतियों, परंपराओं, समुदायों और विचारों को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। उत्तराखंड के हिमालय से पश्चिम बंगाल के मैंग्रोव वनों, ऐतिहासिक नगरों, स्थानीय समुदायों और समुद्री तटों तक यह यात्रा युवाओं को भारत की विविधता को प्रत्यक्ष रूप से जानने और समझने का अवसर प्रदान करती है।
परंपरा, प्रौद्योगिकी, प्रगति, परस्पर संपर्क और पर्यटन के माध्यम से युवा संगम भारत की विविधता का उत्सव मनाते हुए युवाओं के बीच आपसी समझ, मित्रता और साझा राष्ट्रीय पहचान के भाव को और अधिक सुदृढ़ करता है।
उत्तराखंड से पश्चिम बंगाल तक, हिमालय से सागर तक — युवा संगम एक जुड़े हुए भारत की भावना का उत्सव है।










