Dastak Jo Pahunchey Har Ghar Tak

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email

*एनडीएलआई-फर्मी लर्निंग एनेबल्ड एआई ट्यूटर एवं गेट-जैम के लिए निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी मंच का राष्ट्रीय शुभारंभ*

Share on facebook
Share on twitter
Share on whatsapp
Share on email
ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

ASANSOL DASTAK ONLINE DESK

प्रेस विज्ञप्ति

*एनडीएलआई-फर्मी लर्निंग एनेबल्ड एआई ट्यूटर एवं गेट-जैम के लिए निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी मंच का राष्ट्रीय शुभारंभ*

*आईआईटी खड़गपुर की प्लेटिनम जुबली पर शिक्षा के क्षेत्र में दो परिवर्तनकारी राष्ट्रीय पहल; देशभर के विद्यार्थियों को व्यक्तिगत एआई आधारित शिक्षण सहायता और गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का अवसर*

कोलकाता, 12 अक्टूबर 2026: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने तथा भारत के डिजिटल शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर (आईआईटी खड़गपुर) ने अपने प्लेटिनम जुबली समारोह के अंतर्गत आईआईटी खड़गपुर रिसर्च पार्क, राजारहाट, कोलकाता में एनडीएलआई-फर्मी लर्निंग एनेबल्ड एआई ट्यूटर एवं गेट-जैम के लिए निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी मंच का राष्ट्रीय शुभारंभ किया।

इन दोनों महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ भारत सरकार के माननीय केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार द्वारा आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, अधिष्ठातागण, संकाय सदस्य, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं विद्यार्थी तथा अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

ये दोनों पहल उभरती प्रौद्योगिकियों, संस्थागत शैक्षणिक उत्कृष्टता और देश के विस्तृत होते डिजिटल शिक्षा ढाँचे के माध्यम से भौगोलिक एवं सामाजिक-आर्थिक सीमाओं से परे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की आईआईटी खड़गपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

*एनडीएलआई-फर्मी एआई ट्यूटर: प्रत्येक विद्यार्थी तक व्यक्तिगत शिक्षण सहायता पहुँचाने की पहल*

आईआईटी खड़गपुर और फर्मी एआई के संयुक्त सहयोग से विकसित एनडीएलआई-फर्मी एआई ट्यूटर, राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय (NDLI) के माध्यम से देशभर के विद्यार्थियों को व्यक्तिगत शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एनडीएलआई, शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा मिशन (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से) अर्थात् NMEICT के अंतर्गत प्रायोजित एक राष्ट्रीय पहल है।

पारंपरिक एआई उपकरणों के विपरीत, जो मुख्यतः प्रश्नों के सीधे उत्तर प्रदान करते हैं, फर्मी एआई ट्यूटर को मार्गदर्शित खोज के माध्यम से सीखने के सिद्धांत पर विकसित किया गया है। सुकराती शिक्षण पद्धति (Socratic Method) पर आधारित यह प्रणाली विद्यार्थियों को स्वतंत्र रूप से सोचने, अवधारणाओं को समझने तथा क्रमबद्ध प्रश्नों, संकेतों और प्रासंगिक मार्गदर्शन के माध्यम से स्वयं समाधान तक पहुँचने के लिए प्रोत्साहित करती है।

इसकी अभिनव ‘स्कैन एंड आस्क’ (Scan & Ask) सुविधा के माध्यम से विद्यार्थी भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान से संबंधित समस्याओं में सहायता प्राप्त कर सकते हैं। यह प्रणाली केवल तैयार उत्तर देने के बजाय विद्यार्थियों को अपनी त्रुटियाँ पहचानने, मूल अवधारणाओं को समझने तथा चरणबद्ध तरीके से समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने में सहायता करती है।

इस पहल को आईआईटी खड़गपुर के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र एवं फर्मी एआई के सह-संस्थापक श्री पीयूष रंजन के सहयोग से विकसित किया गया है, जो संस्थान की समृद्ध शैक्षणिक विरासत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षा के नए युग से जोड़ता है।

एक करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों और 13 करोड़ से अधिक शैक्षणिक संसाधनों वाले राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय में एआई ट्यूटर का समावेश, केवल ज्ञान तक पहुँच प्रदान करने से आगे बढ़कर व्यक्तिगत एवं संवादात्मक शिक्षण अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है।

यह एआई ट्यूटर एनडीएलआई के पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए www.ndl.gov.in पर निःशुल्क उपलब्ध है।

*गेट-जैम के लिए निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी मंच: उच्च शिक्षा के अवसरों का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार*

एआई ट्यूटर के साथ-साथ आईआईटी खड़गपुर ने गेट-जैम के लिए निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी मंच का भी शुभारंभ किया। यह राष्ट्रीय शैक्षणिक आउटरीच पहल देशभर के इच्छुक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई है।

इस पहल का उद्देश्य महँगी व्यावसायिक कोचिंग पर निर्भरता कम करना तथा विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और गैर-महानगरीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा एवं शैक्षणिक करियर के नए अवसर सुलभ बनाना है।

आईआईटी खड़गपुर की शैक्षणिक विशेषज्ञता और मौजूदा डिजिटल शैक्षणिक संसाधनों का लाभ उठाते हुए यह मंच गेट एवं जैम के अभ्यर्थियों के लिए एक सुव्यवस्थित, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण तैयारी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।

यह पहल संस्थान की उस व्यापक प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जिसके अंतर्गत उच्च शिक्षा के अवसरों तक पहुँच का आधार किसी विद्यार्थी की आर्थिक स्थिति अथवा भौगोलिक परिस्थिति नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा और शैक्षणिक क्षमता होनी चाहिए।

*केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने उत्तरदायी एआई और समावेशी शिक्षा के महत्व पर दिया बल*

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत सरकार के माननीय केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने भारत के शैक्षणिक भविष्य के निर्माण में उत्तरदायी प्रौद्योगिकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा: “कृत्रिम बुद्धिमत्ता की वास्तविक शक्ति तत्काल उत्तर उपलब्ध कराने में नहीं, बल्कि युवा मस्तिष्कों में स्वतंत्र रूप से सोचने, प्रश्न करने और समाधान खोजने की क्षमता विकसित करने में निहित है। आईआईटी खड़गपुर के प्लेटिनम जुबली वर्ष में, पूर्व छात्रों के नेतृत्व वाली फर्मी एआई के सहयोग से विकसित तथा राष्ट्रीय डिजिटल पुस्तकालय से जुड़ी यह अग्रणी पहल व्यक्तिगत शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप, यह पहल गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता को प्रत्येक विद्यार्थी के निकट लाती है, चाहे वह किसी महानगर में रहता हो अथवा दूरस्थ गाँव में।

प्रौद्योगिकी को हमारे शिक्षकों को सशक्त बनाना चाहिए, अवधारणात्मक समझ को मजबूत करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अवसर भौगोलिक परिस्थितियों या अन्य सीमाओं के कारण बाधित न हों। मैं आईआईटी खड़गपुर और फर्मी की पूरी टीम को इस उल्लेखनीय योगदान के लिए बधाई देता हूँ। यह पहल ऐसे आत्मविश्वासी और स्वतंत्र विचारक युवाओं के निर्माण में सहायक होगी, जो विकसित भारत के भविष्य को आकार देंगे।”

*संस्थागत उत्कृष्टता को राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रभाव में बदलना हमारा संकल्प: निदेशक, आईआईटी खड़गपुर*

*दोनों पहलों के राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने कहा:*

“भारत के शैक्षणिक भविष्य का निर्माण एक सरल किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए—उत्कृष्ट शिक्षा तक पहुँच कभी भी सीमित नहीं होनी चाहिए। देश का प्रथम आईआईटी जब अपनी प्लेटिनम जुबली मना रहा है, तब हमारा मानना है कि हमारी जिम्मेदारी संस्थान की कक्षाओं और परिसर की सीमाओं से कहीं आगे तक विस्तृत है।

एनडीएलआई-फर्मी एआई ट्यूटर के माध्यम से हम प्रत्येक विद्यार्थी तक व्यक्तिगत शिक्षण सहायता पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि गेट-जैम की निःशुल्क तैयारी पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अथवा भौगोलिक सीमाएँ किसी प्रतिभा और उसके अवसरों के बीच बाधा न बनें।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता को सोचने की प्रक्रिया का विकल्प नहीं बनना चाहिए, बल्कि उसे युवा मस्तिष्कों को अधिक गहराई से सोचने, बेहतर प्रश्न पूछने और स्वतंत्र रूप से सीखने के लिए सशक्त बनाना चाहिए। ये दोनों पहल संस्थागत उत्कृष्टता को राष्ट्रीय शैक्षणिक प्रभाव में परिवर्तित करने के हमारे दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करती हैं।

आईआईटी खड़गपुर एक ऐसे समावेशी और प्रौद्योगिकी-सक्षम शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत की अगली पीढ़ी को सशक्त बनाए और विकसित भारत के संकल्प में सार्थक योगदान दे।”

*विशिष्ट अतिथियों की सहभागिता एवं मंचों का सजीव प्रदर्शन*

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के संवाद सत्र के साथ हुआ। इसके पश्चात औपचारिक उद्घाटन समारोह में आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने दोनों राष्ट्रीय पहलों और उनके व्यापक प्रभाव का परिचय प्रस्तुत किया।

मुख्य अतिथि डॉ. सुकांत मजूमदार ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया तथा दोनों मंचों का औपचारिक शुभारंभ किया।

आईआईटी खड़गपुर के पूर्व निदेशक प्रो. पार्थ प्रतिम चक्रवर्ती ने एनडीएलआई-फर्मी एआई ट्यूटर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए इसकी शिक्षण क्षमताओं का सजीव प्रदर्शन प्रस्तुत किया।

फर्मी एआई के सह-संस्थापक श्री पीयूष रंजन ने एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षण सहयोगी के विकास के पीछे निहित दृष्टिकोण को साझा किया।

इसके पश्चात प्रो. हैमंती बनर्जी ने गेट-जैम के लिए निःशुल्क ऑनलाइन तैयारी मंच की जानकारी प्रस्तुत की तथा इसका सजीव प्रदर्शन किया।

उद्घाटन सत्र का समापन डॉ. प्लाबन कुमार भौमिक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ।

कार्यक्रम के दूसरे सत्र में ‘Every Learner, One Tutor Away’ (हर शिक्षार्थी से बस एक ट्यूटर की दूरी) विषय पर एक विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें व्यक्तिगत शिक्षा के भविष्य और प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण की परिवर्तनकारी संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में अधिष्ठातागण, संकाय सदस्य, प्रतिष्ठित अतिथि, विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक एवं विद्यार्थी तथा शैक्षणिक जगत से जुड़े अन्य हितधारकों ने सहभागिता की।

आईआईटी खड़गपुर की प्लेटिनम जुबली: परिसर से राष्ट्र तक उत्कृष्टता का विस्तार

वर्ष 1951 में देश के प्रथम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के रूप में स्थापित आईआईटी खड़गपुर शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के प्रति समर्पित एक अग्रणी राष्ट्रीय संस्थान के रूप में अपनी भूमिका को निरंतर सशक्त कर रहा है।

प्लेटिनम जुबली वर्ष में इन दोनों राष्ट्रीय पहलों का शुभारंभ शैक्षणिक उत्कृष्टता को व्यापक सामाजिक लाभ में परिवर्तित करने की संस्थान की प्रतिबद्धता को एक नई दिशा प्रदान करता है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, विश्वसनीय डिजिटल शैक्षणिक अवसंरचना और निःशुल्क शैक्षणिक तैयारी को एक साथ जोड़ते हुए आईआईटी खड़गपुर ऐसे भविष्य के निर्माण की दिशा में अग्रसर है, जहाँ प्रत्येक शिक्षार्थी को उसकी पृष्ठभूमि अथवा भौगोलिक स्थिति से परे सीखने, आगे बढ़ने और सफलता प्राप्त करने के सार्थक अवसर उपलब्ध हों।

जारीकर्ता:

जनसंपर्क कार्यालय
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर
ईमेल: pro@iitkgp.ac.in
+91-9975654202